Owaisi

  • मायावती-ओवैसी क्या साथ आएंगे?

    उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती फिर से भाईचारा बनाने के प्रयास में लगी हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह भाईचारा दलित और ब्राह्मण या दलित और अन्य समाज का नहीं, बल्कि दलित और मुस्लिम का है। बताया जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर के बढ़ते असर की काट में मायावती को यह विकल्प दिख रहा है कि वे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ तालमेल करके लड़ें तो उत्तर प्रदेश में अपना जातीय आधार भी बचा सकती हैं और एक मजबूत ताकत बन सकती हैं। यह भी कहा जा रहा...

  • ओवैसी की पार्टी राजद से बड़ी!

    कम से कम एक मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने राजद को पीछे छोड़ दिया है। बिहार में ओवैसी की पार्टी के पांच मुस्लिम विधायक जीते हैं, जबकि राजद के सिर्फ तीन जीते हैं। अगर पूरे महागठबंधन की बात करें तब भी उसके पांच मुस्लिम विधायक जीते हैं, जो ओवैसी के बराबर हैं। आजादी के बाद पहली बार बिहार में इतने कम मुस्लिम विधायक जीते हैं। बिहार विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की कुल संख्या 11 रह गई है, इसमें से पांच महागठबंधन के हैं, पांच ओवैसी के हैं और एक नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू के हैं।...

  • उपचुनाव में कांग्रेस के साथ ओवैसी

    कांग्रेस और दूसरी भाजपा विरोधी पार्टियां, जहां तक संभव होता है कि एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी से दूर रखती हैं। बिहार में ओवैसी और उनकी पार्टी ने इस बात का जी तोड़ प्रयास किया कि महागठबंधन से तालमेल हो जाए। ओवैसी की पार्टी पांच सीटें लेकर भी महागठबंधन में लड़ने को तैयार थी। लेकिन कांग्रेस, राजद और लेफ्ट तीनों ने एक स्वर में उनके साथ तालमेल के प्रस्ताव को ठुकराया। इनको लगता है कि अगर एक बार तालमेल कर लिया तो ओवैसी की पार्टी को भाजपा की बी टीम ठहराने का नैरेटिव हमेशा के लिए समाप्त को जाएगा। लेकिन...

  • ओवैसी बड़ा नुकसान करेंगे राजद का

    बिहार चुनाव को लेकर आमतौर पर यह धारणा है कि असदुद्दीन ओवैसी को इस बार ज्यादा महत्व नहीं मिलेगा। पिछली बार उनकी पार्टी के पांच विधायक जीत गए थे लेकिन इस बार  नहीं जीत पाएंगे। ऐसा मानने का एक बड़ा कारण यह है कि इस बार बिहार में एनडीए के जीतने पर भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर एनडीए की ओर से नीतीश कुमार दावेदार होते तो मुस्लिमों को चिंता नहीं रहती थी। लेकिन भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की संभावना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इस बात को ओवैसी भी समझ रहे हैं...

  • ओवैसी की भीड़ से महागठबंधन की चिंता

    ऑल इंडिया एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल न्याय यात्रा शुरू कर दी है। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात की और कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से सारी कोशिश कर ली कि सेकुलर वोट नहीं बंटे लेकिन महागठबंधन के नेताओं ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। गौरतलब है कि ओवैसी की पार्टी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस आलाकमान से कई बार कहा कि एमआईएम को गठबंधन में शामिल कर लिया जाए। इससे भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा नहीं होगा। ओवैसी ने कहा कि उनके ऊपर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लगाया जाता है...

  • ओवैसी का प्रस्ताव राजद को मंजूर नहीं

    नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन का प्रस्ताव लालू प्रसाद की पार्टी राजद को मंजूर नहीं है। ओवैसी की पार्टी के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने लालू प्रसाद को चिट्ठी लिख कर कहा था कि बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों का बिखराव रोकने के लिए उनकी पार्टी एआईएमआईएम को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से भी इसकी अपील की है। लालू प्रसाद की पार्टी ने शुक्रवार को इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि एआईएमआईएम को चाहिए कि...

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