Parliament march

  • जेनरेशन-ज़ेड ने हिलाई लुटियंस दिल्ली

    ग्राउंड रिपोर्ट - श्रुति व्यास मैंने सोमवार सुबह यह गलत लिखा कि भारत की जेनरेशन-ज़ेड राजनीति से उदासीन है, डरपोक तरुणाई है और व्यवस्थापरस्त है। लेकिन सोमवार को ही नई दिल्ली की लुटियंस दिल्ली की सड़कों ने मेरा भ्रम चकनाचूर कर दिया। चार-चार परतों वाली बैरिकेडिंग, रैपिड एक्शन फोर्स, सीआरपीएफ और दिल्ली-त्रिपुरा आदि की पुलिस के हजारों जवानों, दंगा-रोधी वाहन, नाकाबंदी, बंद मेट्रो स्टेशन और बाधित इंटरनेट के बावजूद युवाओं का जनसैलाब अकल्पनीय था। मैंने सोचा था कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठवा कर सरकार ने 20 जुलाई के प्रदर्शन को फुस्स कर दिया है। पर आज प्रधानमंत्री मोदी...

  • संसद मार्च की मंजूरी नहीं है

    नई दिल्ली। जंतर मंतर पर 28 जून से प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सीजेपी की ओर से ऐसे किसी मार्च की न तो मंजूरी मांगी गई है और न पुलिस की ओर से कोई मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि 20 जुलाई तक हर हाल में जीवित रहेंगे ताकि संसद मार्च में हिस्सा ले सकें। बहरहाल, दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा...