ए.आई. रहमान और जोशी

इस हफ्ते मैंने अपने दो मित्र खो दिए। एक तो पाकिस्तान के श्री आई.ए. रहमान और दूसरे इंदौर के श्री महेश जोशी ! ये दोनों अपने ढंग के अनूठे लोग थे। दोनों ने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में नाम कमाया और ऐसा जीवन जिया, जिससे दूसरों को भी कुछ प्रेरणा मिले। श्री आई.ए. रहमान का… Continue reading ए.आई. रहमान और जोशी

अहमद पटेल के बिना कांग्रेस!

जिस तरह से गांधी परिवार के बिना कांग्रेस की कल्पना नहीं की जा सकती है, कुछ कुछ उसी तरह से अहमद पटेल के बगैर भी कांग्रेस की कल्पना मुश्किल है।

‘अच्छे इंसान’ थे अहमद पटेल

वायरस से अहमद पटेल की मौत। वक्त कैसा अनुभव करा दे रहा हैं! क्या सोचू? मैं फरवरी से वायरस में बरबादी के पूर्वानुमान लिए हुए हूं और दस महिनों से सोचते हुए अब इस नतीजे पर हूं कि दुनिया का जो हो सो हो मगर भारत राष्ट्र-राज्य के लिए वायरस का महाकाल वह अनुभव होगा जो समकालीन इतिहास की विभाजक रेखा बनेगी

कोरोना से अहमद पटेल का निधन

कांग्रेस के संकटमोचक, पार्टी के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी अहमद पटेल का बुधवार को निधन हो गया।

कुछ भी हो अमरसिंह थे अनोखे!

अमर सिंह के निधन की जब खबर पढ़ी तो अचानक मेरे मन में ‘न भूतो न भविष्यति’ उक्ति कौंध गई। मुझे लगा कि न तो उनके जैसा कोई व्यक्ति भारत तथा पूरी दुनिया ही नहीं इस पृथ्वी गृह पर पैदा हुआ और न ही भविष्य में पैदा होगा।

योगी सरकार की मंत्री का निधन

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद तेजी से फैल रहा है और आम लोगों के साथ साथ खास लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

अजित जोगी की कुर्सी दास्ता

जब अजीत जोगी के इस दुनिया में न रहने की खबर पढ़ी तो बढ़ा अजीब सा लगा क्योंकि दिल्ली आने पर मैंने नेताओं के लिए जो राजनीतिबाज शब्द इस्तेमाल करना सीखा था वे उसकी प्रतिकृति कहे जा सकते थे।

हंसराज भारद्वाजः छोटे वकील, बड़े मंत्री!

कभी कांग्रेस की जानी-मानी हस्ती रहे हंसराज भारद्वाज के नहीं रहने की खबर पढ़ी तो पुरानी यादें ताजी हो आई। जब मैं कांग्रेस की रिपोर्टिंग करता था जब उनसे लगातार मुलाकात होती रहती थी। वे हम रिपोर्टरों के लिए तो मानों कांग्रेस की जानकारी का चलता-फिरता मीडिया थे। फिर उनसे अपने दिवंगत बुजुर्ग मित्र व… Continue reading हंसराज भारद्वाजः छोटे वकील, बड़े मंत्री!

बौदि्धक उर्वरता में डीपीटी गजब नेता थे!

चाणक्य की भूमि बिहार की सीमा से सटे पूर्व उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर जिले में जन्मे देवीप्रसाद त्रिपाठी एक लाजवाब नेता थे। उनके निधन से देश ने एक ऐसा नेता खो दिया है जो न केवल बहुत अध्येता, बुद्धीमना था बल्कि कही कुछ भी कह सकने की हिम्मत रखता था। वे किशारावस्था से ही राजनीति में… Continue reading बौदि्धक उर्वरता में डीपीटी गजब नेता थे!

कैलाश जोशी के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक

मप्र सरकार ने 24 नवंबर से 26 नवंबर तक का राजकीय शोक मनाने का आदेश जारी किया है। राजकीय शोक के दौरान 26 नवंबर तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।