Pregnancy

  • गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स? आयुर्वेद से जानिए बचाव के उपाय

    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन्हीं में से एक आम समस्या है स्ट्रेच मार्क्स, जिसे स्ट्राई ग्रेविडेरम भी कहा जाता है। यह पेट, जांघों, कूल्हों और कभी-कभी स्तनों के आसपास दिखाई देने वाली हल्की या गहरी लकीरों के रूप में होते हैं। ये भले ही पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन कई महिलाओं के लिए यह चिंता और असहजता का कारण बन जाते हैं।  असल में गर्भावस्था के दौरान जैसे-जैसे पेट बढ़ता है, त्वचा तेजी से खिंचती है। जब त्वचा की अंदरूनी परतें इस खिंचाव को पूरी तरह संभाल नहीं पातीं,...

  • गर्भावस्था में पीठ दर्द से हैं परेशान? आयुर्वेद से जानिए राहत पाने के सरल उपाय

    गर्भावस्था के दौरान कमर या पीठ में दर्द होना आम बात है, खासकर शुरुआती कुछ महीनों में। कई महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। कुछ सरल आयुर्वेदिक उपायों और जीवनशैली में बदलाव से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।  दरअसल, प्रेगनेंसी के दौरान लिगामेंट्स और जोड़ स्वाभाविक रूप से नरम और खिंचाव वाले हो जाते हैं। इसके कारण न सिर्फ कमर, बल्कि पेल्विक यानी कमर के निचले हिस्से और हिप्स में भी खिंचाव और दर्द महसूस होता है। इसके साथ ही कभी-कभी गलत पोजिशन में...

  • गर्भावस्था में उल्टी-मतली से परेशान? इन आयुर्वेदिक उपायों से मिलेगा आराम

    गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में कई महिलाओं को सुबह उल्टी और मतली की शिकायत होती है, जिसे मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है। यह अक्सर गर्भावस्था का पहला संकेत भी बन सकता है और लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ महिलाओं को यह समस्या किसी भी समय सुबह, दोपहर या रात में हो सकती है। हार्मोनल बदलाव, तनाव और थकान को इसका मुख्य कारक माना जाता है।  इस स्थिति में सबसे पहले मानसिक और भावनात्मक सहारा देना बहुत जरूरी है। गर्भवती महिला को यह भरोसा दिलाना कि यह लक्षण धीरे-धीरे कम हो जाएगा, उनके लिए...

  • प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन, मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

    मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत और भावुक अहसास है। गर्भावस्था के इस खास सफर में मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। सही और संतुलित पोषण इस दौरान नींव की तरह काम करता है। ऐसे में सेब, अनार, संतरा और केला का नियमित सेवन मां को एनर्जी देता है। शिशु के विकास को बढ़ावा देता है और दोनों को सेहतमंद रखता है।  नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार मां की ताकत और बच्चे की अच्छी शुरुआत का आधार बनता है। इस दौरान कुछ फलों को रोजाना डाइट में शामिल करने से मां...