बेहद संगीन है ‘रंगीन’
'रंगीन' की कहानी कई विषयों को समेटने की कोशिश करती है जिनमें वैवाहिक समस्याएं, टूटे सपने, दरकते स्वाभिमान से लेकर छोटे शहरों के लोगों की वो छटपटाहट भी है जो उन्हें ऊंचे-खुले आकाश में उड़ने के लिए पंख तलाशती रहती है। 'रंगीन' की सबसे 'संगीन' बात ये है कि इस कहानी में कोई भी किरदार अपनी रहस्यमयी ज़िंदगी के सफर में 'अपोलोजेटिक' नहीं है। सिने-सोहबत किसी भी तथाकथित सभ्य समाज में सबसे आसान है किसी भी ऐसी अवधारणा या प्रैक्टिस को ख़ारिज कर देना जो आमतौर पर देखने को न मिले। साथ ही अपने इर्द-गिर्द के उन लोगों को फ़टाक...