Rashtriya Swayamsevak Sangh

  • संघ परिवार: “पता नहीं, कोई मजबूरी होगी!”

    सारे दूसरों‌ वाले ही काम संघ-भाजपा नेता भी कर रहे हैं। इस्लाम-परस्ती को चादर चढ़ाना, तृप्तिकरण, एजेंसियो का दुरुपयोग, पार्टी चंदे के नाम पर भारी व गोपनीय वसूली, कहीं किसी को हिसाब न देना, सार्वजनिक स्थानों, संस्थानों, आदि पर अपने नेताओं के नाम थोपना, विपक्षी दलों को विदेशी एजेंट कहना, संदिग्ध तरीकों से दल-बदल कराना, आदि में आप बढ़े-चढ़े दिखते हैं। तो वर्षों, दशकों पहले इन्हीं कामों के लिए दूसरों पर तंज करना अनर्गल नहीं था?"  संघ परिवार: स्वयंसेवक लाचार :  एक स्वयंसेवक से वार्तालाप       "आप के लोग आडंबर, लफ्फाजी, और अहंकार में डूबे दिखते हैं। यह कैसा चरित्र निर्माण...