बूढ़ा पहाड़
स्वाधीनता दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस ने ज़ारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

स्वाधीनता दिवस के दिन लाल किला के आसपास आम लोगों के लिए यातायात सुबह 4 बजे से सुबह 10 बजे तक बंद रहेगा।

15 August पर आतंकी अलर्ट के बाद Delhi में बढ़ाई गई सुरक्षा, छावनी बना ऐतिहासिक लाल किला

नई दिल्ली | High Alert in Delhi: स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस को बड़े आतंकी हमले का अलर्ट मिला है। जिसके बाद से 15 अगस्त के समारोह स्थल दिल्ली के लाल किले पर चौकसी और बढ़ा दी गई है। लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों ने किले के अंदर एक उच्च स्तरीय बैठक की है और पूरे किले की सुरक्षा का निरीक्षण किया है। राजधानी को सुरक्षा के मध्यनजर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ये भी पढ़ें :- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में Corona से हड़कंप, 543 बच्चे पाए गए संक्रमित सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से अलर्ट मिला है कि खालिस्तान मूवमेंट से जुड़े कई संदिग्ध 15 अगस्त के कार्यक्रम में खलल डाल सकते हैं। ये संदिग्ध आतंकी दिल्ली में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है। इसी के साथ ये भी सूचना है कि ऐसे कुछ संदिग्ध आतंकी संगठन सरकारी इमारतों को भी निशाना बना सकते हैं। इसी के साथ राजधानी दिल्ली में आतंकियों द्वारा ड्रोन हमले का भी खतरा बताया गया है। वैसे भी जम्मू-कश्मीर और पंजाब में आए दिन पाकिस्तान की ओर से ड्रोनों की घुसपैठ जारी है। ये भी पढ़ें :- Twitter से तकरार… Continue reading 15 August पर आतंकी अलर्ट के बाद Delhi में बढ़ाई गई सुरक्षा, छावनी बना ऐतिहासिक लाल किला

किसानों की चिंता में लाल किले के सामने दिवार

भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उसकी पुलिस को लगता है कि दिवार खड़ी करने का बहुत शौक और अनुभव हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति गुजरात के दौरे पर गए थे तो झुग्गियों को छिपाने के लिए दिवार खड़ी कर दी गई थी।

Delhi के ऐतिहासिक लाल किले के पास Drone दिखने से हड़कंप, पुलिस ने की कार्रवाई

नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर आए दिन ड्रोन (Drone) के दिखाई देने के बाद दिल्ली के ऐतिहासिक लाल (Delhi Red Fort) के पास ड्रोन उड़ते हुए दिखाई देने से हड़कंप मच गया। यह ड्रोन लालकिले के पीछे विजय घाट के पास उड़ रहा था। पुलिस के एक अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, जगुआर हाईवे पेट्रोलिंग टीम सोमवार को इलाके में गश्त कर रही थी, तभी टीम को विजय घाट के पास एक ड्रोन मंडराता दिखाई दिया। टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर माजरा जाना तो सामने आया कि विजय घाट पर एक वेब सीरीज की शूटिंग चल रही थी। ये भी पढ़ें:- Video: Tokyo Olympics में माधुरी दीक्षित के गाने की धूम, इजराइली तैराकों ने परफाॅर्मेंस देकर पानी में लगाई आग पुलिस ड्रोन किया जब्त, मामला दर्ज हालांकि, शूटिंग करने वालों ने वहां वेब सीरीज की शूटिंग के लिए अनुमति ली थी, लेकिन वहां ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ड्रोन (Drone Delhi Red Fort) को जब्त किया है और कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया। ये भी पढ़ें:- सीएम योगी का एक तीर दो निशाना, ट्वीट कर कहा- 5 अगस्त को एक औऱ इतिहास बना… दिल्ली में 16… Continue reading Delhi के ऐतिहासिक लाल किले के पास Drone दिखने से हड़कंप, पुलिस ने की कार्रवाई

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में ओलंपिक दल को आमंत्रित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर ओलंपिक दल को विशेष अतिथि के रूप में लाल किले पर आमंत्रित करेंगे। दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह लगातार दूसरे वर्ष महामारी के बीच कम महत्वपूर्ण होगा।

PM Modi ने मांगे लोगों से विचार और सुझाव, इस बार एक बार फिर लालकिले में होगी ‘आप की बात’

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार से लोगों से उनके सुझाव और विचार मांगे हैं करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर देश के नागरिकों को इस संबंध में सूचना दी है.

किसान आंदोलन: हमें अगर सरकार ने छेड़ा तो किसान 1 घंटे के अंदर दे देंगे जवाब

New Delhi. एक ओर देश में कोरोना कहर बरसा रहा है तो  दूसरी ओर किसान आंदोलन में डटे हुए किसान है जो अपना धरना प्रदर्शन बंद करने को तैयार ही नहीं है. किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait)  ने एक बार फिर से भड़काऊ भाषण देते हुए कहा कि सरकार पिछले कुछ दिनों से दिल्ली (Delhi) को साफ करने की बात कर रही है.  उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसान आंदोलन को छेड़ने की कोशिश की तो किसान सरकार को 1 घंटे के अंदर जवाब दे देंगे. बता दें कि दिल्ली में कोरोना के नये मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  इसे देखते हुए सरकार के साथ ही प्रशासन भी किसानों को समझा कर उन्हें वापस भेजने का हर संभव प्रयास कर रहा है.  लेकिन किसान कुछ भी समझने को तैयार नहीं हैं. इफ्तार पार्टी के वीडियो वायरल होने पर हुई थी किरकरी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी किसान नेता राकेश टिकैत लगातार धरना प्रदर्शन को जारी रखने की बात कर रहे हैं.  बीती रात रामायण टोल प्लाजा पर भी धरने पर बैठे किसानों के समक्ष उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार हमारे आंदोलन को कुचलने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही हैं लेकिन सरकार… Continue reading किसान आंदोलन: हमें अगर सरकार ने छेड़ा तो किसान 1 घंटे के अंदर दे देंगे जवाब

दिल्ली के साथ अनवरत मज़ाक

संविधान सभा के सदस्य भी बने, जहां उन्होंने दिल्ली की बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए संसद में delhi का प्रतिनिधित्व बढ़ाने और delhi को एक निर्वाचित व जवाबदेह सरकार देने की पैरवी की थी।

यह देश का आंदोलन है!

केंद्र सरकार क्या किसान आंदोलन को इसी तरह चलते रहने देगी? दो अक्टूबर या उससे आगे तक? यह लाख टके का सवाल है, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है।

किसान-आंदोलन की साख़ पर सवाल

ग्यारह दौर की वार्त्ता, निरंतर किसानों से संपर्क और संवाद साधे रखने के प्रयास, उनकी हर उचित-अनुचित माँगों को मानने की पेशकश, यहाँ तक की कृषि-क़ानून को अगले डेढ़ वर्ष तक स्थगित रखने  के प्रस्ताव के बावजूद सरकार और किसानों के मध्य गतिरोध ज्यों-का-त्यों बना हुआ है।

नैरेटिव पर छूटता कंट्रोल

किसान आंदोलन के चक्का कार्यक्रम के दिन यानी 6 फरवरी को एक खास बात यह रही कि प्रशासन ने उन जगहों पर भी शहर को लगभग जाम कर दिया, जिन्हें किसान संगठनों ने जाम से छूट दी थी

किसान संगठनों को बदनाम करने के उपाय

क्या केंद्र सरकार जान बूझकर ऐसे काम कर रही है, जिससे किसान संगठन बदनाम हों? किसान नेताओं ने ऐसे आरोप लगाए है कि सरकार किसानों को बदनाम करने वाले काम खुद करा रही है।

किसान और सरकारः फर्जी मुठभेड़

किसानों का चक्का-जाम बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया और उसमें 26 जनवरी– जैसी कोई घटना नहीं घटी, यह बहुत ही सराहनीय है। उत्तरप्रदेश के किसान नेताओं ने जिस अनुशासन और मर्यादा का पालन किया है

सरकार अपनी जीत न देखे!

यूं ही हमेशा उलझती रही है जुल्म से खल्क, न उनकी रस्म नई है न अपनी रीत नई, यूं ही हमेशा खिलाए हैं हमने आग में फूल, न उनकी हार नई है न अपनी जीत नई। फैज की एक मशहूर नज्म की ये लाइनें इन दिनों किसान आंदोलन के समर्थन में खूब सुनने को मिल रही हैं।

संसद में विपक्ष लाए कानून रद्द का प्रस्ताव

केंद्र सरकार के बनाए तीन केंद्रीय कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन का अंत नतीजा क्या होगा या केंद्रीय कानूनों का भविष्य क्या है इन सवालों पर चल रही अटकलों के बीच एक सवाल यह भी है कि विपक्ष क्या सिर्फ शोर मचाएगा या कोई सकारात्मक पहल करेगा

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