कल से बैंकों में आ रहा है पांच दिन का अवकाश, आज ही निपटा लें जरूरी काम

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के कैलेंडर के अनुसार, देश के सभी बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं…

अगस्त में बैंक की छुट्टियां: कल से बैंक सीधे 4 दिनों के लिए बंद रहेंगे। जानें क्यों

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उल्लिखित बैंक छुट्टियों की सूची के अनुसार, मूल रूप से कुल 15 छुट्टियां थीं। इन 15 दिनों की छुट्टी में अगस्त के महीने में सप्ताहांत के साथ-साथ आरबीआई द्वारा उल्लिखित छुट्टियों की सूची भी शामिल है।

अगस्त से इस नए नियम का पालन नहीं करने पर बाउंस हो जाएगा चेक

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अगस्त की शुरुआत में बैंकिंग नियमों में बदलाव को लेकर नए नियम बनाए थे। ऐसा ही एक परिवर्तन उन लोगों को प्रभावित करता है जो चेक पर निर्भर हैं। विशेष रूप से उनकी चेक बुक पर। नए बदलाव के साथ, केंद्रीय बैंक ने यह बताया है कि नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) 24 घंटे चालू रहेगा।

रिजर्व बैंक ने नहीं बदली ब्याज दर

भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है। महंगाई की चिंता में आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों यानी रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को जस का तस रखने का फैसला किया है।

1 अगस्त से RBI ने बदला ये नियम, नौकरी करने वालों के चेहरे पर आएगी खुशी..

RBI  ने अब सप्ताह के सातों दिन क्लीयरेंस करने का फैसला लिया है. इसके अनुसार अब 1 अगस्त से छुट्टी के दिन भी आपकी सैलरी आपके अकाउंट में आ जाएगी. अक्सर देखा जाता रहा है कि 1 या 2 तारीख को सन्डे या कोई त्यौहार पड़ जाता है तो आपकी सैलरी अटक जाती है.

Bank Holidays : बैंकों में कल से 15 दिन तक अवकाश! आज ही निपटा लें बैंक से संबंधित काम 

नई दिल्ली | Bank Holidays : बैंक जाने से पहले आपके लिए ये खबर बहुत मायने रखती है। अगर आप आने वाले दिनों में किसी काम से बैंक जाने की सोच रहे हैं तो आज ही अपना बैंक से संबंधित काम पूरा कर लें। क्योंकि अब बैंकों में कई अवकाश पड़ने जा रहे हैं। आपको बता दें कि जुलाई में कुल 15 दिन बैंकों में अवकाश रहने वाला है। शनिवार से अलग-अलग राज्यों में बैंक में अवकाश रहेंगे। ये भी पढ़ें:- Moderna vaccine india update: मॉडर्ना की वैक्सीन आने में देरी संभव बैंकों में अवकाश शनिवार और रविवार को छोड़कर अलग-अलग राज्यों में त्योहारों के अनुसार होते हैं। ऐसे में जिन राज्यों में त्योहार के अनुसार अवकाश तय किया गया है सिर्फ उन्हीं राज्यों में बैंकों में कामकाज बंद रहेगा। आरबीआई (Reserve Bank of India) की ओर से बैंकों के अवकाश की लिस्ट पहले ही जारी कर दी जाती है ताकि किसी भी ग्राहक को कोई असुविधा नहीं हो। इसमें राज्यों के हिसाब से बैंकों के अवकाश को दर्शाया जाता हैं। आप भी से रिजर्व बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट https://rbi.org.in/Scripts/HolidayMatrixDisplay.aspx पर जाकर देख सकते हैं। ये भी पढ़ें:- Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कल दिल्ली… Continue reading Bank Holidays : बैंकों में कल से 15 दिन तक अवकाश! आज ही निपटा लें बैंक से संबंधित काम 

इस अंतर्विरोध का मतलब

यह वो पैसा है, जिसे कंपनियां कुछ समय के लिए लगाती हैं। ऐसे निवेश से ना किसी नौकरी मिलती है और ना ही वहां बुनियादी ढांचे का विकास होता है। तो ऐसा निवेश, जिससे देश में उत्पादक संपत्ति की बढ़ोतरी ना हो, वह अर्थव्यवस्था में एफडीआई की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। indias record fdi : भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश हो रहा है। सरकार का कहना है कि एफडीआई पॉलिसी में सुधार, निवेश के लिए सुविधाएं देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मोर्चों पर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों ने देश में एफडीआई को बढ़ाया है। आम धारणा रही है कि विकासशील देशों में उद्योग-धंधे बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने में एफडीआई का अहम रोल होता है। इससे देश के बुनियादी ढांचे का विकास होता है। और जब ऐसा होता है, तो रोजगार के अवसर बढ़ते हैँ। विदेशी निवेश के महिमामंडन का यही तर्क है। लेकिन हालांकि अब कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी में इकोनॉमिक्स के एक अध्ययन से सामने आया कि एफडीआई और नौकरियों के बीच संबंध नहीं है। यानी ऐसा नहीं कहा जा सकता कि इतना एफडीआई ( indias record fdi ) आने पर इतनी नौकरियां पैदा… Continue reading इस अंतर्विरोध का मतलब

स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी कुछ नियम बने!

rbi releases panel report : भारतीय रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक चलाने वालों के लिए कुछ पैमाने तय किए हैं। इसके लिए केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग नियम 1949 में कुछ बदलाव किए हैं। इसके मुताबिक अब सहकारी बैंक में सीएमडी, एमडी या निदेशक बनने के लिए शैक्षिक योग्यता की जरूरत होगी। ऐसे लोगों को बैंकिंग के कम से कम एक विषय के साथ स्नात्तक होना होगा या सीए, एमबीआई आदि की डिग्री जरूरी होगी। इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि सांसद, विधायक या पार्षद भी सहकारी बैंकों के एमडी, सीएमडी या निदेशक नहीं बन सकेंगे। कहा जा रहा है कि हाल में कुछ सहकारी बैंकों के डूबने या बंद होने की वजह से यह फैसला किया गया है। यह भी पढ़ें: चुनाव टलना शुरू हो गए हैं तभी सवाल है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों या सरकारी बैंकों के बोर्ड में नियुक्त होने वाले स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी ऐसा कोई नियम क्यों नहीं बनाया जा रहा है? सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी तो डूब रही हैं और सरकारी बैंक भी तो लगातार घाटे में जा रहे हैं! अंग्रेजी के अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी हासिल करके बताया है कि देश… Continue reading स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी कुछ नियम बने!

छोटे कर्जदारों को छोटी राहत!

मुंबई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में तेजी से बढ़ते संक्रमण और राज्यों में लगाए जा रहे लॉकडाउन को देखते हुए रिजर्व बैंक ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत देने की घोषणा की है। बुधवार को अचानक बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऋण के पुनर्गठन की योजना एक बार फिर शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कोराना वायरस से लड़ाई से जुडी सेवाओं और उत्पादों के लिए 50 हजार करोड़ रुपए के कर्ज का ऐलान भी किया। रिजर्व बैंक ने ने 25 करोड़ रुपए तक कर्ज लेने वाले व्यक्तिगत, छोटे उधारकर्ताओं को ऋण के पुनर्गठन यानी लोन रिस्ट्रक्चरिंग का दूसरा मौका दिया, ऐसे बिजनेस जिन्होंने पहले फ्रेमवर्क के तहत इसका फायदा नहीं उठाया था, जो अब वो इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना के तहत 25 करोड़ तक का कर्ज लेने वाले छोटे व्यापारियों सहित एमएसएमई सेक्टर यानी कि सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबारी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। शक्तिकांत दास ने कहा कि छोटे व्यापारियों और एमएसएमई इस वक्त सबसे ज्यादा दबाव में चल रहे हैं, उन्हें राहत देने के लिए रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क दो तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क… Continue reading छोटे कर्जदारों को छोटी राहत!

Good News: कोरोना काल में आम लोगों को दी RBI ने राहत, अब बैंक में इस दिन तक करा सकते हैं KYC

New Delhi : पिछले कुछ दिनों से मीडिया में खबर चल रही थी कि  KYC  नहीं कराने पर बैंक आपके खाते को ब्लॉक कर सकती है. इतनी ही नहीं आप अपने एकाउंट से पैसे भी नहीं निकाल सकते हैं. इन खबरों के बाहर आने के बाद से लोगों में इस कोरोना काल के दौरान काफी बैचैनी थी. लोगों का कहना था कि एक ओर तो सरकार हमें घर पर रहने को बोल रही है. दूसरी ओर बैंक में KYC  के लंबी कतारें लगी हैं. ऐसे में  अगर आपने भी अभी तक अपना KYC (KYC ) अपडेट नहीं कराया है तथा आपको ये RBI ने लोगों को राहत देते हुए कहा है फिलहाल KYC अपडेट नहीं कराने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. आपको खातों को बैंक ब्लॉक भी नहीं करेगा. RBI के इस फैसले के बाद से आम लोगों को काफी राहत मिली है. भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थाओं से कहा कि KYC अपडेट नहीं कराने वाले ग्राहकों के खिलाफ दिसंबर तक कोई दंडात्मक प्रतिबंध न लगाए. 31 दिसंबर 2021 तक नहीं लगेगा फाइन RBI ने प्रोप्राइटरशिप फर्मों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और कानूनी संस्थाओं के हितकारी मालिकों जैसी ग्राहकों की नई श्रेणियों के लिए वीडियो… Continue reading Good News: कोरोना काल में आम लोगों को दी RBI ने राहत, अब बैंक में इस दिन तक करा सकते हैं KYC

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 4 फीसदी पर बरकरार

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट 4 फीसदी पर स्थिर रखने की घोषणा की। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक

रिजर्व बैंक ने इक्वि टास स्मॉल फाइनेंस बैंक से हटाया प्रतिबंध

इक्वि टास स्मॉल फाइनेंस बैंक (ईएसएफबी)ने आज कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उन पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया है। केंद्रीय बैंक ने बैंक के एमडी और सीईओ के पारिश्रमिक पर भी रोक लगाए जाने के निर्देश को अब हटा लिया है।

ऋणों के पुनर्भुगतान पर रोक 2 साल तक बढ़ सकती है: केंद्र

केंद्र और रिजर्व बैक ऑफ इंडिया ने आज सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि ऋणों के पुनर्भुतान पर रोक (मोरैटोरियम) 2 साल तक के लिए बढ़ाई जा सकती है।

रिजर्व बैंक की 20,000 करोड़ रुपये के विशेष ओएमओ की घोषणा

भारतीय रिजर्व बैंक मुक्त बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद और बिक्री आयोजित करेगा। दो चरणों में 20,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री की जाएगी।

लोन किस्त भरने से मिली छूट खत्म

भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने दो महीने पर होने वाली अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद गुरुवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। उसे चार फीसदी पर ही रखा गया है।

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