मंजिल की तलाश में ये होनहार

निचले स्तर से उठ कर विश्व क्रिकेट में हालांकि कुछेक खिलाड़ियों ने धमक जमाई है लेकिन छोटी उम्र में अपनी प्रतिभा की झलक दिखाने वाले कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो सही मंजिल की तलाश में है। तीन साल पहले विश्व क्रिकेट इतिहास में पहली बार एक हजार रन से ज्यादा की पारी खेल कर प्रणव धनावड़े अपने पिता प्रशांत के ऑटो रिक्शा में बैठकर मुंबई के उपनगर कल्याण की रामबाग चॉल के अपने घर चले गए।