shivkumar

  • शिवकुमार क्या लोकसभा चुनाव में मेहनत करेंगे?

    यह लाख टके का सवाल है कि क्या डीके शिवकुमार अब लोकसभा चुनाव में वैसी ही मेहनत करेंगे, जैसी उन्होंने विधानसभा चुनाव में की है? अपने तमाम प्रयास के बावजूद वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाए हैं। उनको सिद्धरमैया के उप मुख्यमंत्री के तौर पर काम करना होगी। तभी यह सवाल उठा है कि क्या वे पार्टी को लोकसभा में चुनाव जिताने के लिए जी-जान से मेहनत करेंगे? साथ ही यह भी सवाल है कि क्या वे तेलंगाना में कांग्रेस को चुनाव लड़ाने अपने को झोंकेंगे? ध्यान रहे तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी उनके करीबी हैं और कहा जा रहा...

  • लिंगायत वर्चस्व बढ़वाना चाहते हैं शिवकुमार

    कर्नाटक के चुनाव नतीजों के बाद के घटनाक्रम से राज्य की राजनीति कई तरह से बदलती दिख रही है। ऐसा लग रहा है कि राज्य की राजनीतिक का पूरा पारंपरिक समीकरण बदल जाएगा। पारंपरिक रूप से कर्नाटक में भाजपा लिंगायत आधार वोट वाली पार्टी है तो कांग्रेस ओबीसी और मुस्लिम आधार वाली पार्टी है, जबकि जेडीएस को वोक्कालिगा का बिना शर्त समर्थन रहा है। इस बार वोक्कालिगा वोट जेडीएस से टूट कर कांग्रेस के साथ गया है क्योंकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद शिवकुमार सिद्धगंगा के बड़े लिंगायत मठ...

  • कर्नाटक चुनाव राष्ट्रीय महत्व का

    लोकतंत्र में वैसे तो हर चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है और कई बार सबसे छोटे चुनाव से भी बड़ी राजनीति प्रभावित होती है। हाल में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में चुनाव हुए और तीनों जगह यथास्थिति कायम रही। त्रिपुरा में भाजपा की पूर्ण बहुमत से सत्ता में वापसी हुई तो मेघालय में पहले से ज्यादा सीटें लेकर कोनरेड संगमा की पार्टी एनपीपी सत्ता में लौटी। नगालैंड में भाजपा की सीटें तो नहीं बढ़ी लेकिन सरकार का नेतृत्व कर रही एनडीपीपी की सीटें बढ़ीं और गठबंधन फिर से सत्ता में लौटा। ये तीनों चुनाव नतीजे कई मायने में बेहद अहम हैं।...

  • डीकेएस की जांच ही पूरी नहीं हो रही है

    कर्नाटक के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के खिलाफ चल रही जांच पूरी ही नहीं हो रही है। वे सितंबर 2019 में गिरफ्तार हुए थे। ईडी ने धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके एक महीने बाद अक्टूबर में उनको जमानत मिल गई थी। जाहिर है सितंबर 2019 में गिरफ्तारी से पहले से सीबीआई और ईडी उनकी जांच कर रहे हैं और तभी उनको गिरफ्तार किया था। अब स्थिति यह है कि गिरफ्तारी करने के साढ़े तीन साल बाद तक जांच चल रही रही है और आए दिन उनको, उनके भाई को या परिवार के अन्य सदस्यों के बुला...