यह कृतघ्न लोगों का देश है सोनम ‘सर’!
उनको ‘सर’ कहा जाता है। लद्दाख की अपनी भाषा में ‘कागा ली’ यानी ‘सर’। वे अभी 59 साल के हैं, लेकिन जब 30 साल के थे तब भी लद्दाख के ज्यादातर लोग उनको ‘एचो’ यानी बड़ा भाई कहते थे। वे अपनी उम्र के आधार पर बड़ा भाई नहीं कहे जाते हैं और न किसी स्कूल का अध्यापक होने के नाते ‘सर’ कहे जाते हैं। ‘बड़ा भाई’ औऱ ‘सर’ ये दोनों उपाधियां उन्हें लद्दाख के लोगों ने देश, समाज और मानवता के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उनके प्रति सहज स्नेह में दी है। तभी जब शुक्रवार की रात को...