sonam Wangchuk

  • यह कृतघ्न लोगों का देश है सोनम ‘सर’!

    उनको ‘सर’ कहा जाता है। लद्दाख की अपनी भाषा में ‘कागा ली’ यानी ‘सर’। वे अभी 59 साल के हैं, लेकिन जब 30 साल के थे तब भी लद्दाख के ज्यादातर लोग उनको ‘एचो’ यानी बड़ा भाई कहते थे। वे अपनी उम्र के आधार पर बड़ा भाई नहीं कहे जाते हैं और न किसी स्कूल का अध्यापक होने के नाते ‘सर’ कहे जाते हैं। ‘बड़ा भाई’ औऱ ‘सर’ ये दोनों उपाधियां उन्हें लद्दाख के लोगों ने देश, समाज और मानवता के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उनके प्रति सहज स्नेह में दी है। तभी जब शुक्रवार की रात को...

  • वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी मिली, राजघाट गए

    नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पेपर लीक के खिलाफ 26 दिन तक भूख हड़ताल करने के बाद उन्होंने मेदांता अस्पताल में दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में भूख हड़ताल खत्म की थी। अस्पताल से निकलने के बाद वे महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे लद्दाख लौट जाएंगे। सोनम वांगचुक ने कहा, ‘पिछले पांच-छह सालों से हम लद्दाख में गांधीजी के अहिंसक तरीके को अपनाते आ रहे हैं और हमें यह बहुत प्रभावी लगा। हालांकि मुझे संदेह था कि क्या यह तरीका राष्ट्रीय स्तर पर भी...

  • सारी साजिश थ्योरी फेल हो गई

    सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ सरकार की बातचीत के दौरान जिस तरह सरकार ने पहली दो मांगें मान ली थीं उससे लग रहा था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी मान ली जाएगी और आंदोलन जल्दी खत्म हो जाएगा। लेकिन जैसा हर बार होता है, इस बार भी एक साजिश थ्योरी चल रही थी। सरकार के लचीलापन दिखाने के बावजूद कहा जा रहा था कि आंदोलन अगस्त तक जा सकता है क्योंकि इसके पीछे विदेशी फंडिंग और विपक्ष की बड़ी तैयारी काम कर रही है। इस बीच यह...

  • अस्पताल के बिस्तर से वांगचुक ने जेन-जी को दी बधाई

    जंतर-मंतर पर जारी नीट विरोधी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देशवासियों और प्रदर्शनकारी युवाओं को बधाई दी है। श्री वांगचुक ने 'एक्स' पर पोस्ट के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। तस्वीर में वह अस्पताल के बिस्तर पर हैं और मुस्कुराते चेहरे के साथ उंगलियों से 'वी' (जीत) का निशान बनाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पोस्ट पर अपनी खुशी जताते हुए लिखा, "यह सीधे सड़कों से मिली प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। Also Read : धर्मेंद्र प्रधान ने...

  • सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन

    शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कल देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। श्री वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपना आमंत्रण अनशन समाप्त करने की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में...

  • वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने रखी शर्त

    नई दिल्ली। शिक्षा और परीक्षा की व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 24 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की नई शर्त रखी है। उन्होंने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्‌डा और जितेंद्र सिंह को चिट्‌ठी लिखी, जिसमें कहा कि बच्चों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने कहा कि अगर सरकार भरोसा दिलाए तो वे अनशन खत्म कर सकते हैं। इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की थी।...

  • वांगचुक और सीजेपी में एक राय नहीं

    सोनम वांगचुक को अति नाटकीय तरीके से जंतर मंतर से हटाना सरकार को भारी पड़ गया है। अगर सरकार उनको वही बैठे रहने देती तो शायद आंदोलन इतना व्यापक और इतना तीव्र नहीं होता। लेकिन जिस तरह ऑपरेशन सफेद चादर के जरिए वांगचुक को हटाया गया उससे लोगों में गुस्सा भड़का। वांगचुक को दूर से समर्थन दे रहे लोग सारे उपाय करके जंतर मंतर पहुंचे और उसके बाद जो हुआ उसे पूरे देश ने देखा। इस आंदोलन को सामान्य लोगों का जैसा समर्थन मिला है उससे इसका दायरा बहुत बढ़ गया है और यह तमाम किस्म की सीमाओं से बाहर...

  • सोनम वांगचुक और गणतंत्र की नैतिक परीक्षा

    सोनम वांगचुक का आंदोलन एक प्रश्नपत्र से आगे बढ़ जाता है। वे केवल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही नहीं माँग रहे। वे उस सोच पर प्रश्न उठा रहे हैं, जिसने शिक्षा को छँटनी की मशीन बना दिया है। उनके भीतर छिपा प्रश्न कहीं बड़ा है—क्या भारत अपने युवाओं का भविष्य बना रहा है, या केवल उनका क्रम तय कर रहा है? यही प्रश्न उनके पूरे सार्वजनिक जीवन को समझने की कुंजी भी है। लोकतंत्र जब नागरिक से उसकी जान माँगने लगे लोकतंत्र की सबसे बड़ी विफलता तब नहीं होती, जब सरकार कोई गलत फैसला ले। सरकारें गलतियाँ करती हैं और उन्हें...

  • यह युवाओं में भरा हुआ गुस्सा है!

    जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन एक सामान्य सी मांग को लेकर शुरू हुआ था। छह जून को अमेरिका से लौटे अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन का आयोजन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने अमेरिका में रहते हुए एक सोशल मीडिया हैंडल बनाया था, जिसका नाम रखा था ‘कॉकरोच जनता पार्टी’। बाद में इसके एक्स हैंडल को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया तो ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से दूसरा हैंडल बनाया गया। सो, कुल मिला कर यह एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बना...

  • भूख हड़ताल, प्रदर्शन दोनों जारी

    नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करके प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर से भगा देने के दावे के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि प्रदर्शन अब भी जारी है। सीजेपी के कई लोग अब भी धरने पर बैठे हैं। इस बीच सफदरजंग अस्पताल में रखे गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाथ से लिखा एक नोट जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनकी भूख हड़ताल अब भी जारी है। वे पिछले 23 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनका नोट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया गया है। पोस्ट में वांगचुक ने लिखा है, ‘मैं तब...

  • वांगचुक को उठाए जाने के बाद रविवार को पहले से ज्यादा भीड़ जुटी।

    नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस जरूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठा कर ले गई और अस्पताल में भर्ती करा दिया लेकिन जंतर मंतर पर उसके बाद भी आंदोलन जारी रहा। वांगचुक को उठाए जाने के एक बाद रविवार को पहले से ज्यादा भीड़ जुटी। बड़ी संख्या में आम लोग भी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व परीक्षा की गड़बड़ियों को दूर करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। गौरतलब है कि वांगचुक को हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने कहा था कि वे भूख...

  • नए पुलिस कमिश्नर ने बखूबी निभाई जिम्मेदारी

    दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर ने कार्यभार संभालने के 24 घंटे के भीतर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगभग समाप्त करा दिया। सोनम वांगचुक को पुलिस ने शनिवार की सुबह उठा लिया। कोई कह नहीं रहा है लेकन यह ‘ऑपरेशन सफेद चादर’ था। सादी वर्दी में पुलिस वाले सफेद चादर लेकर पहुंचे, उसका घेरा बनाया और सोनम वांगचुक को उठा कर ले गए। सवाल है कि क्या इसलिए दिल्ली में पुलिस कमिश्नर बदला गया। गौरतलब है कि एक साल के अंदर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो पुलिस कमिश्नर बदले। दिल्ली पुलिस आयुक्त के तौर पर शुक्रवार को...

  • मोदी से अब किसको उम्मीद!

    हम तो बस जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमें या सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बना दिया जाए। हमारी बस इतनी-सी मांग है कि जवाबदेही तय की जाए और शिक्षा मंत्री के रूप में उस व्यक्ति को बदला जाए, जो ठीक से परीक्षाएं आयोजित कराने में विफल रहा है।”…. लोकतंत्र में यह वाजिब अपेक्षा होती है कि उसे अपने पद से हट जाना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक इसी मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठे हुए हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की कॉकरोच जनता पार्टी की...

  • विपक्ष ने कहा, वांगचुक को हटाना गलत

    नई दिल्ली। प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्रों को हो रही परेशान के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जोर जबरदस्ती जंतर मंतर से हटाने की पुलिस की कार्रवाई की विपक्ष ने आलोचना की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना की निंदा की है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के दौरान जंतर मंतर से हटाया...

  • वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में किया भर्ती

    दिल्ली पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से शनिवार सुबह हटा कर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। श्री वांगचुक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक होने से रोकने ,शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले गत 28 जून से आमरण अनशन कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने श्री वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुये उन्हें जंतर मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने कहा है कि श्री वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश...

  • सोनम वांगचुक को जबरन उठाना अहंकारी मोदी सरकार की हार : केजरीवाल

    आम आदमी पार्टी (आप) ने 21 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से जबरन उठाने और युवाओं पर लाठीचार्ज करने की कार्रवाई को अहंकारी मोदी सरकार की हार करार दिया। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पुलिस की कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि इतना अहंकार ठीक नहीं है। श्री वांगचुक को जबरन उठाने की बजाय मोदी सरकार को उनसे बात करनी चाहिए थी। कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो। श्री वांगचुक के...

  • हिंदू राष्ट्र क्यों वांगचुक जैसे ‘कॉकरोच’ की सुने?

    बेचारे सोनम वांगचुक! सांस मोदी के हिंदू राष्ट्र में ले रहे हैं बावजूद इसके माने बैठे हैं कि ‘जनमत को जागरूक करना और सत्ता में बैठे लोगों को समझाना, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं’। बारह वर्षों के अनुभवों में वांगचुक इतना भी नहीं समझ पाए कि मौजूदा हिंदू राष्ट्र के सिक्के के दो पहलू नहीं हैं। उसे इधर पलटिए या उधर, दोनों तरफ एक ही चेहरा है- नरेंद्र मोदी का। वही भक्तों के कलियुगी भगवान है। तभी हिंदू मानस में भगवान से जवाब-तलब नहीं होता, केवल पूजा, दर्शन और भक्ति होती है। तो कौन सा जनमत, कैसी जागरूकता...

  • ‘मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूंगा’: वांगचुक

    जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वह “किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे”। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका उपवास अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आज वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को स्वीकार...

  • कांग्रेस का भी वांगचुग को समर्थन

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को विपक्षी दलों के समर्थन के बीच कांग्रेस की ओर से संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शुक्रवार को यहां उनसे मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया। श्री खेड़ा ने आज सुबह जंतर मंतर पहुंचकर श्री वांगचुक से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे विचार विमर्श किया। श्री वांगचुक पिछले 20 दिनों से विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होने और परीक्षाओं में गडबड़ियाें को लेकर शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग...

  • सीजेपी और सोनम के आंदोलन की सीमाएं

    सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी प्रदर्शन कर रही है। परंतु सरकार सुन नहीं रही है। सरकार ने तो पूरे एक साल तक किसानों की भी नहीं सुनी थी। देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली की चौहद्दी में डेरा डाल कर एक साल तक बैठे रहे। एक सौ से ज्यादा किसानों की इस दौरान मृत्यु हुई। केंद्र सरकार ने उनकी बात तब सुनी, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब का चुनाव नजदीक आया। ध्यान रहे उस आंदोलन का दायरा बहुत व्यापक था। उसमें बहुत ज्यादा लोग शामिल थे और देश,...

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