Swami Vivekananda

  • स्वामी विवेकानंद और युवा दिवस

    एक बड़े स्वप्नदृष्टा के रूप में विवेकानंद ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिसमें धर्म अथवा जाति के आधार पर मनुष्य-मनुष्य में कोई भेद न रहे। उनका आत्मा और परमात्मा में अनन्य विश्वास था। उनके अनुसार भिन्न-भिन्न स्रोतों से निकलकर सभी नदियों के समुद्र में मिल जाने की भांति ही भिन्न-भिन्न रुचि के अनुसार विभिन्न टेढ़े-मेढ़े अथवा सीधे रास्ते से जाने वाले लोग अंत में आकर परमात्मा में ही मिल जाते हैं। 12 जनवरी -स्वामी विवेकानंद जयंती मात्र 39 वर्ष 5 माह और 22 दिन के अपने अल्प जीवनकाल में संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म...