राष्ट्रचेतना के शिल्पी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के ऐसे राष्ट्रऋषि थे, जिन्होंने राजनीति को सत्ता या व्यक्तिगत लाभ का माध्यम नहीं माना। उनके लिए राजनीति राष्ट्रसेवा और राष्ट्रनिर्माण का एक पवित्र यज्ञ थी, जिसमें व्यक्ति स्वयं को समर्पित करता है। 6 जुलाई: श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती भारतीय परंपरा में राष्ट्र केवल जमीन का एक टुकड़ा या राजनीतिक समझौता (पॉलिटिकल कॉन्ट्रैक्ट) नहीं है। राष्ट्र एक जीवंत चेतना और सांस्कृतिक व्यक्तित्व है। ऋग्वेद में कहा गया है— वयं राष्ट्रे जाग्रयाम पुरोहिताः। अर्थात— हम राष्ट्र के प्रति हमेशा जागरूक रहें और उसके प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाएं। बीसवीं शताब्दी के मध्य में जब भारत अंग्रेजी...