Taliban

  • तालिबानी अब हमारे सखा है!

    कुछ दिनों से भारत में एक ही ख़बर है! और वह एक  तालिबानी के दौरे की है। बाक़ी सब कुछ, चाहे बिहार चुनाव हो, सीट बँटवारे की जोड़-बाकि, या ग़ाज़ा में युद्धविराम की खबर, सब साइडलाइन पर खिसक गए हैं। दिल्ली का फोकस केवल तालिबान पर केंद्रित है। और यह सिर्फ़ जिज्ञासा नहीं है। हाँ, उन्हें चलते, बोलते, कैमरे के सामने सहज होते देखना एक तमाशे जैसा है, लेकिन तालिबान प्रतिनिधिमंडल खुद भी जानता है कि यह ध्यान उनके काम आता है। भारत में यह उनका मौका है — दिखने, सुने जाने और शायद थोड़ा घूमने-फिरने का भी। इस पूरे...

  • तालिबान से क्या हासिल करना है?

    तालिबानी विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा के बीच कई बातों को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। इस बीच एक सोशल मीडिया पोस्ट देखने को मिली। भाजपा इकोसिस्टम का पेज, जिससे दिन रात प्रोपेगेंडा चलता है, उसने लिखा कि भारत में खड़े होकर तालिबानी विदेश मंत्री ने कहा कि बगराम एयरबेस अमेरिका को नहीं देंगे। यह बात वैसे रूस में बैठक के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तालिबान ने कही थी। वहां भारत के राजनयिक भी मौजूद थे। इसलिए यहां तक को ठीक है। लेकिन इसके बाद लिखा गया, ‘मोदी नाम है उसका अमेरिका को...

  • तालिबान का ऐसा रुतबा!

    मुत्ताकी ऐसी सरकार के विदेश मंत्री हैं, जिसे आज भी ज्यादातर देशों की मान्यता हासिल नहीं है। वे अपने देश के कायदे यहां लागू करना चाहें और कामयाब हो जाएं, तो उस पर आक्रोश ही जताया जा सकता है! यह अपने वर्तमान और भारत की विदेश नीति पर एक प्रतिकूल टिप्पणी है। संभवतः अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर मुत्ताकी ने इच्छा जताई कि नई दिल्ली में उनकी प्रेस कांफ्रेंस में महिला पत्रकारों को ना बुलाया जाए और भारत सरकार ने उसे पूरा किया! मुत्ताकी ऐसी सरकार के विदेश मंत्री हैं, जिसे आज भी ज्यादातर देशों की मान्यता...

  • मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार बैन

    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के तालिबान शासन के विदेश मंत्री की पहली भारत यात्रा विवादों में फंस गई है। तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने शनिवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें महिला पत्रकारों को एंट्री नहीं दी गई। भारत सरकार पल्ला झाड़ रही है कि उसका इससे कोई मतलब नहीं है लेकिन कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया है और सोशल मीडिया में इस बात के लिए भारत सरकार की आलोचना हो रही है। पूछा जा रहा है कि क्या भारत में भी तालिबानी कायदा कानून चलेगा? कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा दोनों ने...

  • बिना भाषण दिए देवबंद से लौटे मुत्तकी

    लखनऊ। अफगानिस्तान के तालिबान शासन के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों पर पाबंदी का मामला देवबंद की यात्रा के दौरान भी देखने को मिला। मुत्तकी शनिवार को देवबंद पहुंचे, जहां फूल बरसा कर उनका स्वागत किया गया और वहां से उलेमाओं ने उनको पगड़ी बांधी। हालांकि मुत्तकी देवबंद में बिना भाषण दिए ही लौट गए। उनका पहले से तय भाषण रद्द कर दिया गया और वे तय समय से ढाई घंटे पहले ही वहां से रवाना हो गए। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक मुत्तकी को देवबंद में शाम पांच बजे तक रुकना था,...

  • तालिबानी मेहमान के साथ वार्ता

    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के तालिबान शासन के बीच औपचारिक रूप से कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत हो गई है। तालिबान शासन स्थापित होने के बाद भारत के पहले दौरे पर आए विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की, जिसके बाद भारत ने अफगानिस्तान में फिर से दूतावास शुरू करने की बात कही। मुत्तकी ने भारत के साथ वार्ता में साफ किया कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देगा। उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों की भी याद दिलाई। तालिबान के विदेश मंत्री...

  • अफगान विदेश मंत्री भारत पहुंचे

    नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद पहली बार तालिबान शासन का कोई मंत्री भारत के दौरे पर पहुंचा है। गुरुवार को अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी एक हफ्ते की यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। अगस्त 2021 में तालिबान शासन स्थापित होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार कूटनीतिक पहल होती दिख रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी का नई दिल्ली पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत है। हम उनके साथ दोपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर...

  • तालिबान पर यू-टर्न?

    यह महत्त्वपूर्ण है कि अफगानिस्तान संबंधी मास्को फॉर्मेट कंसल्टेशन की बैठक में भारत शामिल हुआ और वहां उभरी एक ऐसी राय से सहमत हुआ, जो स्पष्टतः अमेरिका के खिलाफ है। बैठक में रूस, चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधि भी थे। खबर है कि भारत यात्रा के दौरान अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मोत्ताकी को वह पूरा सम्मान मिलेगा, जो किसी अन्य विदेश मंत्री को प्रोटोकॉल के तहत दिया जाता है। कूटनीतिक हलकों में इसे तालिबान सरकार को भारत की परोक्ष मान्यता के रूप में देखा गया है। इस यात्रा से ठीक पहले हुई एक अन्य घटना...

  • तालिबानी राज में आधी आबादी जंजीरों में!

    विडंबना है कि अफ़ग़ानिस्तान ने 15 अगस्त को जब स्वतंत्रता दिवस मनाया, तो गुलाब की पंखुड़ियाँ उन मर्दों पर बरसीं जिन्होंने आधे देश को पिंजरे में कैद कर रखा है। तालिबान का शासन अब दूसरे दौर के पाँचवें साल में दाख़िल है। इन पांच वर्षों में कुछ बदला नहीं। वह दुनिया का इकलौता देश है जहाँ सत्ता पूरी तरह मर्दों के हाथ में है और औरतों को न केवल घरों में, पर्दे में जकड़ दिया है बल्कि उन्हें ग़ैर-ज़रूरी बना दिया है। इक्कीसवीं सदी में भला कौन सोच सकता था कि पृथ्वी पर एक ऐसा राष्ट्र भी होगा जो आधी...

  • रूस ने तालिबान शासन को मान्यता दी

    काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता को रूस ने आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी है। ऐसा करने वाला रूस दुनिया का पहला देश बन गया है। यह घोषणा गुरुवार को काबुल में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी और अफगानिस्तान में रूस के राजदूत दिमित्री झिरनोव के बीच हुई बैठक के बाद की गई। तालिबान सरकार ने रूस के इस कदम को बहादुरी भरा फैसला बताया है। अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी ने बैठक के बाद जारी एक वीडियो बयान में कहा, ‘यह साहसी फैसला दूसरों के लिए एक मिसाल बनेगा। अब मान्यता की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,...

  • महिलाओं को देखने से…, तालिबान ने अब खिड़कियों पर लगाया प्रतिबंध

    काबुल। तालिबान (Taliban) के सर्वोच्च नेता ने एक आदेश जारी कर आवासीय भवनों में उन खिड़कियों के निर्माण पर रोक लगा दी है, जिनसे ऐसी जगहों को देखा जा सके जहां अफगान महिलाएं आमतौर पर काम करती हैं या इकट्ठा होती हैं, जैसे आंगन, रसोई और कुएं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान सरकार के प्रवक्ता की ओर से शनिवार देर रात जारी एक बयान के अनुसार, नई इमारतों में ऐसी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे 'आंगन, रसोई, पड़ोसी का कुआं या आमतौर पर महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अन्य जगहों' को देखा जा सके। सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद...

  • तालिबान के साथ औपचारिक कूटनीति शुरू!

    ऐसा लग रहा है कि तीन साल के इंतजार के बाद भारत सरकार ने अफगानिस्तान के तालिबान शासन के साथ औपचारिक कूटनीति शुरू कर दी है। हालांकि भी यह बहुत सीमित है और इसकी शुरुआत ही हुई है लेकिन हो सकता है कि आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी हो। असल में अमेरिका के अफगानिस्तान से निकलने के बाद तालिबान ने हामिद करजई का तख्तापलट करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। उसके बाद भारत ने सारे संबंध तोड़ लिए थे। भारत की ओर से चलाए जा रहे करीब 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट भी अटक गए थे।...

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