telangana assembly election

  • तेलंगाना में अचानक क्या हुआ?

    तेलंगाना में अगस्त के महीने में जब भारत राष्ट्र समिति के नेता और राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने 119 में से 115 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वे मुश्किल लड़ाई में फंसेंगे। इतनी जल्दी उम्मीदवारों की घोषणा को मास्टरस्ट्रोक माना गया। उससे पहले वे अपना राज्य छोड़ कर महाराष्ट्र में प्रचार कर रहे थे और देश भर में राजनीति कर रहे थे। उसी राजनीति के तहत उन्होंने अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम बदल कर भारत राष्ट्र समिति कर लिया था। दूसरी ओर कांग्रेस, भाजपा और एमआईएम हाशिए की...

  • तेलंगाना में मतदान सम्पन्न

    हैदराबाद। तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर गुरुवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त हो गया। पांच बजे तक मतदान केंद्रों पर पहुंच चुके मतदाताओं की की जगह लम्बी कतार देखी गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, शाम पांच बजे तक 63.94 फीसदी मतदान हुआ। मतदान केंद्रों पर पहुंच गए मतदाताओं के वोट डालने के बाद देर रात आंकड़े अपडेट होंगे। माना जा रहा है कि अंतिम मतदान प्रतिशत 70 से ऊपर जा सकता है। मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की संभावना नहीं है। चुनाव आयोग के मुताबिक आदिलाबाद में वोट...

  • तेलंगाना में 725 करोड़ रू की जब्ती

    तेलंगाना में मतदान से पहले चुनाव आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि इस बार के चुनाव से पहले तेलंगाना में 725 करोड़ रुपए की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और उपहार में बांटने के लिए रखी गई वस्तुएं जब्त की गई हैं। इसमें ढाई सौ करोड़ रुपए से कुछ ज्यादा नकद पकड़ा गया है। इसके अलावा एक सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की शराब पकड़ी गई है। इस तरह कुल जब्ती में नकद और शराब का हिस्सा लगभग आधा है। पिछले चुनाव में यानी 2018 में चुनाव आयोग ने 145 करोड़ रुपए की नकदी और अन्य वस्तुएं जब्त...

  • तेलंगाना में थम गया चुनाव प्रचार

    हैदराबाद। तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों के लिए लम्बे समय तक चला हाई वोल्टेज प्रचार मंगलवार की शाम को थम गया। सभी सीटों के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और तीन दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। राज्य में सीधा मुकाबला सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति और कांग्रेस के बीच है। भाजपा ने मुकाबले को त्रिकोणात्मक बनाने के लिए जी-तोड़ प्रयास किया। प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिन का तलंगाना दौरा खत्म हुआ था। वे लगातार तीन दिन तेलंगाना में रहे थे और प्रचार किया था। मंगलवार को आखिरी...

  • कांग्रेस और बीआरएस पर मोदी का हमला

    हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिन के तेलंगाना दौरा के दूसरे दिन चुनावी रैली में भाजपा के लिए वोट मांगा और कांग्रेस व भारत राष्ट्र समिति पर तीखा हमला किया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ साफ हो जाएगा। रविवार को तेलंगाना में जनसभाओं को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी तिरूपति पहुंचे, जहां वे सोमवार को भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करेंगे। अपनी यात्रा के तीसरे दिन भी प्रधानमंत्री चुनावी रैली करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के तुरपान में एक जनसभा में कहा- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान, तीनों राज्यों...

  • तेलंगाना में फिर जोर लगाया भाजपा ने

    भारतीय जनता पार्टी ने तेलंगाना में एक साल पहले बहुत बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू किया था। लेकिन फिर उसने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। कहा जाने लगा था कि भाजपा को फीडबैक मिली है कि अगर वह बहुत जोर लगा कर लड़ेगी तो उसका फायदा कांग्रेस को होगा। भाजपा नहीं चाहती है कि कांग्रेस जीते इसलिए उसने अपना राजनीतिक अभियान धीमा कर दिया ताकि सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति और कांग्रेस में सीधा मुकाबला हो। लेकिन भाजपा ने अब फिर अभियान तेज कर दिया है। कहा जा रहा है कि उसके पीछे हटने के बावजूद यह धारणा बनी कि अब...

  • तेलंगाना में कांग्रेस की उम्मीद

    राहुल गांधी को जब राजस्थान में कड़ा मुकाबला दिखा था तब भी वे तेलंगाना में सरकार बनने को लेकर पूरी आश्वस्त थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में सरकार बना रही है। हालांकि पिछले दो चुनावों में कांग्रेस ने वहां अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। आंध्र प्रदेश से अलग नया राज्य बनवाने के बावजूद 2014 के चुनाव में कांग्रेस को राज्य की 119 में सिर्फ 21 सीटें मिली थीं। 2018 के चुनाव में कांग्रेस की सीटें घट कर 19 रह गईं। चुनाव से पहले ऐसा लग रहा था कि तेलंगाना में मुकाबला एकतरफा है और...

  • केसीआर, रेवंत, ओवैसी सब आरएसएस के हैं!

    तेलंगाना में कमाल का चुनाव प्रचार हो रहा है। भाजपा के अलावा बाकी सभी पार्टियों के नेता एक दूसरे को आरएसएस का आदमी बता रहे हैं। सोचें, तेलंगाना में 13 फीसदी मुस्लिम वोट है और उसके लिए ऐसी मारा-मारी है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। इस वोट को अपनी ओर खींचने के लिए मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम में बयानबाजी चल रही है। कायदे से इस स्थिति का फायदा भाजपा को मिलना चाहिए था लेकिन किसी रणनीति के तहत भाजपा ने छह महीने पहले अपना अभियान धीमा कर दिया...

  • तेलंगाना चुनाव में पीके की रणनीति!

    चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं। वे जन सुराज अभियान चला रहे हैं। वे यह भी दावा करते हैं कि अब वे चुनाव प्रबंधन का काम नहीं करते हैं। हालांकि उनकी बनाई कंपनी आई-पैक यानी इंडियन पॉलिटकल एक्शन कमेटी कई राज्यों में अलग अलग पार्टियों के चुनाव प्रबंधन का काम देख रही है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, महाराष्ट्र में शिव सेना के उद्धव ठाकर गुट के साथ साथ तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति के साथ उनकी कंपनी का करार है। सो, भले प्रशांत किशोर चुनाव रणनीति बनाने के काम से इनकार करें...

  • तेलंगाना में सिर्फ नौ सीट पर लड़ रहे हैं ओवैसी!

    असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन यानी एआईएमआईएम तेलंगाना की पार्टी है। वहां अभी विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं और ओवैसी की पार्टी सिर्फ नौ सीटों पर चुनाव लड़ रही है। सोचें, बिहार में जहां पार्टी का कोई आधार नहीं है वहां ओवैसी ने पिछले विधानसभा चुनाव में यानी 2020 में कई पार्टियों साथ तालमेल किया था और सीमांचल के इलाके में 20 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से पांच जीत भी गए थे। हालांकि बाद में उनमें से चार विधायक राजद के साथ चले गए। ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के पिछले...

  • तेलंगाना में मोदी का दलित राजनीति का दांव

    हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक बार फिर तेलंगाना पहुंचे और भाजपा की चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने तेलंगाना के चुनाव में दलित राजनीति का दांव चला है। उनके मंच पर मदिगा आरक्षण के लिए आंदोलन कर के मंदा कृष्णा मदिरा भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें छोटा भाई बताया। मोदी ने सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति और कांग्रेस दोनों को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि राज्य के बंटवारे के बाद कहा गया था कि नए राज्य का पहला मुख्यमंत्री दलित बनेगा लेकिन उनके साथ धोखा हुआ। गौरतलब है कि कृष्णा मदिरा लम्बे समय से एससी आरक्षण...

  • तेलंगाना में मोदी के साथ पवन कल्याण

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को तेलंगाना में चुनाव प्रचार करने पहुंचे तो तेलुगू फिल्मों के सुपर सितारे और जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण भी उनके साथ मौजूद रहे। जानकार सूत्रों के मुताबिक पार्टी की ओर से पहले से यह सुनिश्चित किया गया था कि वे प्रचार के समय मोदी के साथ मौजूद रहें। ध्यान रहे पवन कल्याण कापू समुदाय से आते हैं और मशहूर फिल्म स्टार चिरंजीवी के भाई हैं। चिरंजीवी ने भी अपनी पार्टी बना कर राजनीति की थी और केंद्र की कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे थे। लेकिन पवन कल्याण शुरू से भाजपा के साथ...

  • चंद्रशेखर राव को घेरने का उपाय

    तेलंगाना में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सीट पर चुनाव दिलचस्प हो गया है। उन्होंने अगस्त में जब 115 उम्मीदवारों की घोषणा की थी उसी समय बताया गया था कि मुख्यमंत्री राव खुद दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कामारेड्डी और गजवेल सीट से लड़ने का ऐलान किया था। बाद में कहा गया कि वे एक और सीट लड़ सकते हैं लेकिन राव की पार्टी ने अटकलों पर विराम लगा दिया। अब वे दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं और भाजपा व कांग्रेस दोनों ने उनको इन दोनों सीटों पर घेरने पर इंतजाम किया है। दोनों पार्टियों ने सीएम...

  • तेलंगाना की तीसरी लड़ाई घमासान होगी

    तेलंगाना में तीसरी बार विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है। आंध्र प्रदेश से अग होने के बाद राज्य में दो चुनाव हुए हैं और दोनों चुनाव एकतरफा रहे हैं। दोनों भारत तेलंगाना राष्ट्र समिति, जिसका नाम अब भारत राष्ट्र समिति हो गया है उसने एकतरफा जीत हासिल की। के चंद्रशेखर राव पहला चुनाव नया राज्य बनने की लहर में जीते तो दूसरा चुनाव उन्होंने सबको सरप्राइज देकर जीता। उन्होंने समय से पहले विधानसभा भंग कर दी और चुनाव करा लिया, जिसके लिए कांग्रेस या भाजपा कोई भी तैयार नहीं था। फिर भी कह सकते हैं कि तेलंगाना के लोगों...

  • तेलंगाना में घमासान की तैयारी

    कांग्रेस पार्टी ने भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की नींद उड़ाई है। असल में कर्नाटक विधानसभा के चुनाव नतीजों के बाद भाजपा और बीआरएस दोनों की चिंता बढ़ी है। कर्नाटक का सबसे ज्यादा असर तेलंगाना पर होता दिख रहा है। कांग्रेस में जान लौट आई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के ऊपर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का हाथ है। उधर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला की वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के साथ कांग्रेस की तालमेल की बात हो रही है। सो, कांग्रेस को...

  • कांग्रेस को तेलंगाना में फायदा

    कर्नाटक में चुनाव जीतने का कांग्रेस को सबसे बड़ा फायदा तेलंगाना में होगा। नतीजे आने के तुरंत बाद कांग्रेस के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि डीके शिवकुमार कांग्रेस को तेलंगाना में लड़वाएंगे। तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी को शिवकुमार का करीबी माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं के विरोध के बावजूद शिवकुमार ने ही रेवंत रेड्डी को प्रदेश अध्यक्ष बनवाया और काफी लॉबिंग के बावजूद हटने नहीं दिया। सो, जानकार सूत्रों का कहना है कि रेड्डी को शिवकुमार मदद करेंगे और मजबूती से कांग्रेस को चुनाव लड़वाएंगे।...

  • तेलंगाना में राजनीति तेज हुई

    नई दिल्ली। तेलंगाना को लेकर राजनीति तेज हो गई है। समय से पहले चुनाव की संभावना देखते हुए भाजपा ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में मैराथन बैठक की और रणनीति को अंतिम रूप दिया है। हालांकि तेलंगाना में इस साल के आखिर में चुनाव होने वाले हैं। लेकिन ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव समय से पहले चुनाव कराने के लिए विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछली बार भी चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग करके समय से छह-सात महीने पहले ही चुनाव कराया था। इस बार भी ऐसी संभावना भांप कर भाजपा...

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