तृणमूल कांग्रेस किसी को नहीं चाहिए
तृणमूल कांग्रेस की हालत जलते हुए आलू की तरह हो गई है, जिसे कोई भी हाथ नहीं लगाना चाहता है। यह पहला मौका है, जब कोई पार्टी इतने बड़े पैमाने पर टूटी है और किसी ने दावा नहीं किया है कि हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं। पश्चिम बंगाल के विधायकों ने जरूर बगावत करने के बाद अलग गुट की मान्यता मांगी और यह भी कहा कि उनकी अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं लेकिन उन्होंने भी अपने को असली तृणमूल कांग्रेस नहीं कहा है। दूसरी ओर संसदीय पार्टी टूटी तो तृणमूल से अलग हुए 20 सांसदों ने अपने गुट का विलय त्रिपुरा...