पूर्वोत्तर में तृणमूल ही कांग्रेस है

कांग्रेस अब पूर्वोत्तर की राजनीति से बाहर है। उसके पुराने और मजबूत नेताओं का या तो निधन हो गया है या वे पार्टी छोड़ कर चले गए हैं। वैसे पूर्वोत्तर में नेताओं का पार्टी छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं है।

त्रिपुरा में बंगाल दोहराया जा रहा है

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जब भी भारतीय जनता पार्टी के नेता बंगाल के दौरे पर जाते थे उनको काले झंडे दिखाए जाते थे। उनकी गाड़ियों पर पथराव भी किया जाता था।

दीदी के दिल्ली दौरे के दौरान आपस में भिड़े TMC विधायक, हड्डी तोड़ने की दी धमकी…

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 5 दिनों के दिल्ली के दौरे में हैं, दोनों विधायकों के बीच का विवाद आपस में इतना बढ़ गया कि एक ने दूसरे को हड्डियां तोड़ने तक की धमकी दे दी.

राहुल से सबको दिक्कत

यूपीए का ढांचा नए सिरे से खड़ा करने या नया गठबंधन बनाने में कांग्रेस की समस्या यह है कि राहुल गांधी से ज्यादातर विपक्षी नेताओं को दिक्कत है। ज्यादातर बड़ी पार्टियों के नेता राहुल को अपना नेता मानने को तैयार नहीं हैं।

संसद में हाथ से कागज लेकर फाड़ने वाले टीएमसी सांसद पर हुई कार्रवाई, मानसून सत्र से किया गया ‘निलंबित’

तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन को पूरे मानसून सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया. सभापति के इस फैसले के तुरंत बाद एक बार फिर से टीएमसी के सांसदों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया.

ममता ने फिर पीएम मोदी को कहा तानाशाह, बोलीं- BJP को सत्ता के बाहर करने तक जोरी रहेगा ‘खेला’

कोलकाता | CM Mamta On BJP: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला किया है. सीएम ममता ने कहा कि अभी तो भाजपा को सिर्फ बंगाल से भगाया है जब तक देश की सत्ता से बाहर नहीं करते तब तक खेला जारी रहेगा. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर एक बार फिर से तानाशाही करने का आरोप लगाया. श्रीमती बनर्जी ने कहा कि भाजपा जानबूझकर त्रिपुरा में हमारे कार्यक्रम को रोक रही है. क्या भारतीय जनता पार्टी के लिए यही लोकतंत्र है? BJP के लोग तानाशाही चाहते हैं। वे कार्यक्रम आयोजित नहीं करने दे रहे हैं। त्रिपुरा में उन्होंने हमारे लोगों को रैली नहीं करने दी। क्या ये लोकतंत्र है? चुनाव बाद हिंसा में कुछ नहीं हुआ। वे देश की संस्थाओं को नष्ट कर रहे हैं:पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी pic.twitter.com/eCmfNrKq5r — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 21, 2021 आज शहीद दिवस के रूप में मना रही है TMC CM Mamta On BJP: बता दें कि तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई यानी कि आज शहीद दिवस के रूप में मना रही है. इसी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश की संस्थाओं को लगातार बर्बाद करने का… Continue reading ममता ने फिर पीएम मोदी को कहा तानाशाह, बोलीं- BJP को सत्ता के बाहर करने तक जोरी रहेगा ‘खेला’

संसद नहीं चलने से किसका भला!

अमित शाह ने अपने खास अंदाज में घटना की क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि इस तरह की चीजों से कुछ लोग विकास को पटरी से उतारना चाहते हैं। मकसद तो सरकार ने बता दिया पर बड़ा सवाल है कि कौन ऐसा कर रहा है? सरकार उसका पता क्यों नहीं लगा रही है और सबसे बड़ा सवाल यह है कि संसद नहीं चलने का फायदा किसको होना है?

विपक्ष की साझेदारी कहां है

आम आदमी पार्टी को पंजाब में इस बार ज्यादा आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ना है। तभी आप ने कृषि बिल पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। कायदे से कृषि कानूनों और किसानों का मुद्दा समूचे विपक्ष को साझा तौर पर उठाना चाहिए था। कांग्रेस, लेफ्ट, एनसीपी आदि पार्टियों को एक साथ मिल कर यह मुद्दा उठाना चाहिए था।

राज्यसभा की एक ही सीट का चुनाव क्यों?

केंद्र में मंत्री बनाए गए सर्बानंद सोनोवाल को भी राज्यसभा में जाना है क्योंकि वे अभी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। फिर उनके लिए असम में खाली हुई सीट पर उपचुनाव की घोषणा क्यों नहीं की गई?

राज्यसभा के कितने दावेदार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को उस सीट से उच्च सदन में भेजा जा सकता है। हालांकि मिलिंद देवड़ा से लेकर संजय निरूपम, राजीव शुक्ला और रणदीप सुरजेवाला तक कई और भी दावेदार हैं। तमिलनाडु में खाली हुई तीन में से एक सीट कांग्रेस को मिलेगी।

दिनेश त्रिवेदी किस गति को प्राप्त होंगे?

Dinesh Trivedi BJP TMC : दिनेश त्रिवेदी 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे और एक साल के अंदर पहला मौका मिलते ही ममता बनर्जी ने उनको राज्यसभा में भेज दिया। लेकिन उसके एक साल के अंदर ही त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी हालात का गलत आकलन किया और ममता को डूबता जहाज समझ कर भाजपा की नाव पर सवार हो गए। उनका राज्यसभा का कार्यकाल पांच साल बचा हुआ था। उन्होंने वह छोड़ा तो जाहिर है कुछ बड़ी उम्मीद कर रहे होंगे। तभी सवाल है कि भाजपा अब उनको क्या देगी? क्या भाजपा कहीं से उनको राज्यसभा में भेजेगी? कम से कम इतना तो उनका अधिकार बनता है! यह भी पढ़ें: बगलें झांकते भारत व पाक इस बीच यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि कहीं वे भी मुकुल रॉय वाली गति को प्राप्त न हों। आखिर मुकुल रॉय भी राज्यसभा छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे और तीन साल के बाद भाजपा ने उनको विधानसभा की टिकट दी थी। राज्यसभा के लिए वे ऐड़ी रगड़ते रह गए। अंत में वापस ममता के यहां लौटे। यही स्थिति ओड़िशा के बेहद लोकप्रिय नेता बैजयंत जय पांडा की है। उन्होंने भी बड़ी उम्मीद से भाजपा ज्वाइन की थी।… Continue reading दिनेश त्रिवेदी किस गति को प्राप्त होंगे?

अभिजीत मुखर्जी तृणमूल में शामिल

abhijit mukherjee TMC : कोलकाता। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पिछले दिनों वे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से मिले थे और तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे। गौरतलब है कि दो मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा के कई नेता तृणमूल में शामिल हो चुके हैं। अब ममता बनर्जी की पार्टी ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर आपराधिक मामले : ADR की रिपोर्ट abhijit mukherjee TMC पूर्व सांसद अभिजीत मुखर्जी के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने को उनकी छोटी बहन और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दुखद बताया है। बहरहाल, अभिजीत मुखर्जी कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में शाम चार बजे पार्टी में शामिल हुए। इस दौरान लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी उपस्थित थे। Corona में लापरवाही पड़ न जाए भारी, रोज सामने आ रहे 40 हजार से ज्यादा केस, मौतों का आंकड़ा फिर बढ़ा अभिजीत पहली बार 2012 में प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बन जाने के बाद उनकी खाली की हुई जंगीपुर सीट… Continue reading अभिजीत मुखर्जी तृणमूल में शामिल

ममता को बंगाल में ही रोकने का प्रयास

भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षा से चिंतित हैं और मान रहे हैं कि ममता वह कर सकती हैं, जो आज तक विपक्ष का कोई नहीं कर सका है? ध्यान रहे विपक्ष का कोई नेता लोकप्रियता और विश्वसनीयता के मामले में नरेंद्र मोदी को चुनौती नहीं दे सका है। अखिल भारतीय स्तर पर किसी नेता की वैसी पहचान और साख भी नहीं बनी है, जैसी मोदी की है। लेकिन बंगाल में लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने और सीधे मुकाबले में मोदी और अमित शाह को हराने के बाद ममता चुनौती बन सकती हैं। यह भी पढ़ें: शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी असल में ममता बनर्जी ने बंगाल में कई मिथक तोड़े हैं। मोदी की लोकप्रियता, शाह की रणनीति और भाजपा की ध्रुवीकरण कराने की क्षमता के मिथक टूट गए हैं। इसका असर दूरगामी होगा। ऊपर से ममता बनर्जी को दूसरे कई नेताओं के मुकाबले बहुत एडवांटेज हैं। उनके भतीजे को भ्रष्टाचार के आरोपों में घेरने की केंद्रीय एजेंसियों के तमाम प्रयासों के बावजूद ममता के भ्रष्ट होने का नैरेटिव नहीं बन पाया है। उनकी ईमानदारी और सादगी सहज रूप से स्वीकार्य है। दूसरे, वे महिला हैं और जुझारू हैं। तीसरे, कांग्रेस छोड़… Continue reading ममता को बंगाल में ही रोकने का प्रयास

ममता दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे?

अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे : नेताओं का आत्मविश्वास अक्सर हैरान करने वाला होता है। कई बार नासमझ नेता कोई बयान देते हैं, जैसे ई श्रीधरन ने कहा कि वे केरल के मुख्यमंत्री बनेंगे, तो ऐसे बयानों की अनदेखी करनी होती है। लेकिन कई बार बहुत जानकार और सीजन्ड नेता इस तरह के बयान देते हैं। जैसे ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी पार्टी अब राष्ट्रीय राजनीति करेगी। उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अभिषेक ने कहा कि वे पार्टी को पूरे देश में ले जाएंगे और चुनाव लड़ेंगे। अब सोचें, अभिषेक बनर्जी पार्टी को कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे? क्या वे अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में पार्टी को चुनाव लड़ाएंगे? इससे उनको क्या हासिल होगा? ममता ने मोदी पर किया हमला तृणमूल कांग्रेस पहले भी इस तरह राष्ट्रीय राजनीति करने का प्रयास कर चुकी है। झारखंड में इधर-उधर के नेताओं को जुटा कर तृणमूल को खड़ा करने का प्रयास हुआ था। ममता बनर्जी भी रैली करने पहुंची थीं। लेकिन अंत नतीजा क्या हुआ? इधर-उधर से आए सारे नेता फिर इधर-उधर चले गए। बिल्कुल यहीं कहानी त्रिपुरा में भी दोहराई गई थी। ममता बनर्जी के… Continue reading ममता दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे?

राजनीति में उफान, लाचार मोदी!

वक्त बदल रहा है। बंगाल में भाजपाई तृणमूल कांग्रेस में जाते हुए हैं तो त्रिपुरा की भाजपा सरकार पर खतरे के बादल हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के खिलाफ भाजपाई विधायकों में ऐसा माहौल बना है कि पार्टी को दिल्ली से महासचिव भेज कर रायशुमारी करानी पड़ी। उत्तराखंड में भाजपा के नए मुख्यमंत्री तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे विधायक बनने के लिए कहां से चुनाव लड़ें? छह महीने की अवधि में क्या वे विधायक बन सकेंगे? बिहार में भाजपा अपने सत्तारूढ़ एलायंस में घिरी हुई है तो सहयोगी दलों की भीतरी राजनीति ने अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हैरान-परेशान किया हुआ होगा। और उत्तर प्रदेश…एक तरफ अखिलेश यादव की पार्टी की तरफ बसपा विधायकों, छोटी पार्टियों का रेला बनता हुआ तो दूसरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पार्टी के भीतर ही यह दुविधा बनाए बैठे हैं कि करें तो क्या करें? यह भी पढ़ें: विपक्ष, पीके की राजनीति अपने आप! जाहिर है पूरे देश में अलग-अलग कारणों से राजनीति पुराने अंदाज में लौट रही है। बड़ा प्रमुख कारण पश्चिम बंगाल के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का घटा ग्राफ है। यों मैं कोरोना काल की हकीकत, मोदी सरकार की असफलताओं में लिखता आ रहा हूं कि अब… Continue reading राजनीति में उफान, लाचार मोदी!

और लोड करें