ऐसा क्या हुआ कि उत्तरी कोरिया के लोग कब्र में से मांस निकालकर खाने लगे..

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन एक बार फिर चर्चाओं में बने हुए है। कोरोना काल में दुनिया के सभी देशों की इकॉनॉमी प्रभावित हुई है। लेकिन यह कहा जा सकता है कि सबसे ज्यादा उत्तरी कोरिया की हुई है। किम जोंग उन व्यापार के लिए किसी देश पर निर्भर नहीं रहता है। किम जोंग उन का अधिकतर व्यापार चीन से होता है। कोरोना संक्रमण के भय से कोरियाई शासक ने अपनी सीमा को लॉक कर दिया था जिस कारण चीन से भी व्यापार संभव नहीं हो सका। इस कारण उत्तरी कोरिया का बिजनेस पूरी तरह से ठप हो गया। खबर सुनने को मिल रही है कि किम जोंग के देश में खाने-पीने की सामग्री कम हो रही है इस कारण तानाशाह मे अपनी जनता को चेतावनी दी है। खाद्य सामग्री के दाम आसमान छूने की खबर मिल रही है। इससे पहले भी उत्तर कोरिया में भुखमरी ( north corea starvation ) की स्थित आई थी। तब कई जगहों से कोरियाई लोगों के इंसानी मांस खाने की खबरें भी आई थीं। उत्तर कोरिया के हालात ऐसे है वहां के शासक किम जोंग उन ने खुद देश में आए खाने के सामान पर संकट की बात की थी।  इस बारे… Continue reading ऐसा क्या हुआ कि उत्तरी कोरिया के लोग कब्र में से मांस निकालकर खाने लगे..

विश्व मंच पर तानाशाहों के साथ भारत

संयुक्त राष्ट्र संघ में दो दिन पहले म्यामांर का मसला आया था। एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। माना जा रहा था कि बिना वोटिंग के एक राय से सभी 193 देश इसका समर्थन करेंगे। लेकिन ऐन मौके पर रूस और चीन की शह पर बेलारूस ने वोटिंग की मांग कर दी। वोटिंग के दौरान म्यांमार के सैन्य तख्ता पलट की आलोचना करने और म्यांमार को हथियारों का आपूर्ति पर रोक लगाने के प्रस्ताव का 119 देशों ने समर्थन किया और बेलारूस ने विरोध किया, जबकि 35 देश वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने वाले देशों में भारत भी है। कहा जा सकता है कि भारत पहले भी ऐसे मसले पर वोटिंग से गैरहाजिर रह चुका है। लेकिन अभी अभूतपूर्व स्थिति है। एक तरफ भारत सरकार के मंत्री अपनी बात के हर दूसरे वाक्य में कह रहे हैं कि कोई भारत को लेक्चर न दे क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और दूसरी ओर पड़ोस के देश में लोकतंत्र का चीरहरण हो गया और भारत उसका परोक्ष समर्थन कर रहा है। दूसरी अहम बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ में वोटिंग… Continue reading विश्व मंच पर तानाशाहों के साथ भारत

World Environment Day 2021: जानें किस कानून के तहत हुई थी विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत

NI Desk | हर साल दुनियाभर में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। विश्व पर्यावरण दिवस या वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे को आप मदर नेचर यानी मां प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने का दिन भी कह सकते हैं। जितना प्रकृति ने हमें दिया हमने उसके बदले प्रकृति को नुकसान ही पहुंचाया है। पर्यावरण को नुकसान ही पहुंचाया है उसे गंदा ही किया है। इसी का दुष्परिणाम यह है कि हमें प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। पर्यावरण और मानव जीवन के संबंधों की बात करें तो यह एक अटूट संबंध है जिसमें प्रकृति ने तो इंसानों को सब कुछ दिया लेकिन इंसान प्रकृति के प्रति अपनी जिम्‍मेदारी के नाम पर ना तो सही तरीके से इसका संरक्षण किया और ना ही भविष्‍य की चिंता। इसी का नतीजा है कि आज दुनिया प्रदूषित पर्यावरण और प्राकृतिक आपदाओं की विकरालता के नीचे दबती जा रही है।  पिछले कुछ सालों में वैज्ञानिकों ने पर्यावरण के गंभीर रूप से बिगड़ते हालात को समझा है और यही वजह है कि सामान्‍य लोगों में इसके प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्‍य से दुनियाभर के पर्यावरणविद् एक… Continue reading World Environment Day 2021: जानें किस कानून के तहत हुई थी विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत

चीन की अध्यक्षता वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक का विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने किया बहिष्कार

New Delhi: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उस बैठक के भारतीय विदेश मंत्री एस जयंशंकर ने बहिष्कार कर दिया जिसकी अध्यक्षता चीन कर रहा था. अपनी जगह उन्होंने भारतीय विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला को भेज दिया. जबकि सभी देशों के विदेश सचिव इसमें शामिल हुए. इस बैठक की अध्यक्षता चीन के विदेश मंत्री वांग यी कर रहे थे. इस बैठख में बहुपक्षीयता पर मंत्री स्तर की चर्चा होनी थी. इसे भारत की ओर से चीन को कड़ा संदेश माना जा रहा है. पिछले साल पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना पर हुए हिंसक हमले के बाद चीन को कड़ा संदेश दिया गया है. वैश्विक कमजोरियां जाहिर हुईं. महामारी के बीच वैश्विक कमजोरियां और गलतियां जाहिर बैठक में विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने अपने भाषण में कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के बीच वैश्विक कमजोरियां और गलतियां जाहिर हो गयी हैं. उन्होंने कहा कि संयोजित वैश्विक प्रतिक्रिया में देरी से बहुपक्षीय व्यवस्था की कमजोरियां जाहिर हो गयी हैं, जो आज दिख रही हैं. इससे विस्तृत बदलाव की जरूरत साफ हुई है उन्होंने कहा कि महामारी ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से लेकर असमान वैक्सीन वितरण तक की गलतियां जाहिर कर दीं और वैश्विक सहयोग और मजबूत बहुपक्षीयता… Continue reading चीन की अध्यक्षता वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक का विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने किया बहिष्कार

विदेश मंत्री, विदेश नीति मानो अदानी की गिरवी

जयशंकर विदेश मंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री को क्या सलाह देते हुए हैं, विदेश मंत्रालय का कैसा भट्ठा बैठा दिया है! हैरानी होती कि वे अपने पिता के सुब्रहमण्यम, जिनके लेख मैं पढ़ा करता था और भाई संजय

आज की चुनौतियों को पुरानी संरचनाओं से नहीं लड़ा जा सकता: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तड़के संयुक्त राष्ट्र के 75वें अधिवेशन को संबाेधित करते हुए कहा कि चुनौतियों को पुरानी संरचनाओं से नहीं लड़ा जा सकता है

मगर चिंता आखिर किसे है?

संयुक्त राष्ट्र की सूचनाएं आधिकारिक होती हैं। संयुक्त राष्ट्र ये सूचनाएं इसलिए जारी करता है, ताकि दुनिया भर की सरकारें मौजूद चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कमर कस सकें।

कोरोना है मानवाधिकार संकट: यूएन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस एक मानव संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।

इस साल हजारों अतिरिक्त बच्चों की मौत हो सकती है: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि बच्चों पर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के आकलन में कहा है कि इस महामारी से उत्पन्न होने वाली वैश्विक मंदी के कारण इस साल हजारों बच्चों की मौत हो सकती हैं।

भारत में 40 करोड़ लोग फंसेंगे गरीबी में

संयुक्त राष्ट्र के श्रम निकाय ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस संकट के कारण भारत में अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 40 करोड़ लोग गरीबी में फंस सकते हैं

क्या यूएन में कोविड-19 पर बात होगी?

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में आए दिन ऐसी-वैसी बातों पर चर्चा होती रहती है। पर हैरान करने वाली बात यह है कि अभी तक कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

संयुक्त राष्ट्र में क्यों नहीं उठ रहा मुद्दा?

चीन मामूली बातों को भी संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाता रहता है। भारत ने पिछले साल कश्मीर के बारे में फैसला किया तो चीन ने इसे भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया, बल्कि उसने इस मसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक बुलवाई, जबकि वह शुद्ध रूप से भारत का आंतरिक मामला था।

अमन के लिए गांधी जी की विचारधारा अपनाने की जरूरत : गुटेरेस

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दिल्ली हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सांप्रदायिक सौहार्द बहाल करने के लिए महात्मा गांधी जी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का 43वां सत्र आज से शुरू

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सोमवार से शुरू हो रहे 43वें सत्र में बच्चों पर युद्धों के प्रभाव, संघर्ष वाले क्षेत्रों और अन्य जगहों पर उनके द्वारा झेले

सीरिया में बड़े पैमाने पर सहायता अभियान चल रहा : संरा

संयुक्त राष्ट्र। इदलिब और अलेप्पो में जारी बमबारी के बीच, उत्तर-पश्चिम सीरिया में नागरिकों की सहायता के लिए तुर्की से बड़े पैमाने पर सहायता अभियान चल रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा जैसा कि हवाई हमले और गोलाबारी के कारण नागरिक आबादी का भारी कीमत चुकाना जारी है, उत्तरपश्चिम सीरिया में इदलिब और उसके आसपास के क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक नागरिकों की सुरक्षा और सलामती को लेकर संयुक्त राष्ट्र बहुत चिंतित है। उन्होंने कहा पिछले 24 घंटों में इदलिब और अलेप्पो में परिवारों को कोई राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, डुजारिक ने कहा कि हवाई हमलों में कम से कम 15 समुदायों पर हमला किया गया , और 11 कथित तौर पर गोलाबारी में मारे गए। उन्होंने कहा कि सहायता अभियान ने पिछले महीने दिसंबर में 928 ट्रकों की तुलना में बाब अल-हवा और बाब अल-सलाम चौकियों के माध्यम से तुर्की से मानवीय सहायता के 1,227 ट्रकों को पहुंचाया। 2014 में अभियान अधिकृत होने के बाद से किसी भी महीने की तुलना में संयुक्त राष्ट्र द्वारा सीरियाई-तुर्की सीमा पर भेजी गई सहायता की यह सबसे बड़ी खेप है।… Continue reading सीरिया में बड़े पैमाने पर सहायता अभियान चल रहा : संरा

और लोड करें