बंगाल में आखिर लाखों लोग छूट गए
पश्चिम बंगाल में सब कुछ अभूतपूर्व हो रहा है। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड शुरू होने तक मतदाता सूची में नाम जोड़े गए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि तार्किक विसंगति के आधार पर जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं उनके नाम जैसे जैसे ट्रिब्यूनल से क्लीयर हों वैसे वैसे उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाए और पूरक मतदाता सूची जारी की जाए। सर्वोच्च अदालत ने पहले चरण के लिए यह सीमा 21 अप्रैत तक तय की थी और दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल तक की...