दुनिया का नया दरबार: बीजिंग
इस मई बीजिंग में दिलचस्प दृश्य, नजारा है। डोनाल्ड ट्रंप का ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में स्वागत हुआ। उन्होंने 21 तोपों की सलामी, सैन्य बैंड और अमेरिकी-चीनी झंडे लहराते स्कूली बच्चों की सधी हुई पंक्तियों के बीच प्रवेश किया। कैमरे एक साथ घूमे। लाल कालीन के किनारे खड़े अधिकारी मशीन की तरह ताली बजाते हुए। आखिर एक दशक बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन यात्रा पर था। कुछ ही दिनों बाद रूस के व्लादिमीर पुतिन भी उसी शहर में पहुँचे। पर मॉस्को ने इसे “रूटीन डिप्लोमेसी” कहा है। रूटीन। यही मौजूदा विश्व राजनीति का खुलासा करने वाला असल शब्द है!...