साल 2025 म्यूचुअल फंड्स निवेश के नजरिए से ऐतिहासिक रहा। इस दौरान सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश 3 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर गया, जो कि अब तक सबसे अधिक निवेश है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के डेटा के मुताबिक, इस साल की शुरुआत यानी जनवरी से नवंबर तक निवेशकों ने एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड्स स्कीम में 3.04 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह आंकड़ा पूरे 2024 में 2.69 लाख करोड़ रुपए और पूरे 2023 में 1.84 लाख करोड़ रुपए था। इसमें इक्विटी, डेट और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स स्कीम में किया गया निवेश शामिल है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लगातार एसआईपी की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है। एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अक्टूबर तक एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी के जरिए कुल 2.27 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है, जो कि पिछले पूरे साल के लिए 2.20 लाख करोड़ रुपए थी।
Also Read : दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की मार्च में होने वाली परीक्षा पर रोक
ग्रॉस इक्विटी इनफ्लो में एसआईपी की हिस्सेदारी इस साल 37 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो कि पिछले साल 27 प्रतिशत पर थी। कुल एसआईपी इनफ्लो को 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले सक्रिय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया जाता है।
एसआईपी के जरिए लगातार निवेश बढ़ना दिखाता है कि भारतीय बाजार में निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से अनुशासन के साथ निवेश कर रहे हैं और इससे वेल्थ क्रिएट करने में भी मदद मिलेगी।
देश के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) नवंबर 2025 तक बढ़कर 80.80 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है और इसमें एसआईपी एयूएम की हिस्सेदारी 16.53 लाख करोड़ रुपए यानी करीब 20 प्रतिशत हो गई है।
हालांकि, म्यूचुअल फंड इनफ्लो में 2025 में लंपसम निवेश में कमी देखने को मिली है। यह घटकर अक्टूबर 2025 में 3.9 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जो कि पिछले पूरे साल में 5.9 लाख करोड़ रुपए था।
Pic Credit : X
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



