पश्चिम एशिया तनावों के बीच पिछले दिन की गिरावट के बाद हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। हालांकि निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली करने के चलते प्रमुख बेंचमार्क दिन के उच्चतम स्तर से तेजी से नीचे आ गए।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 609.45 अंकों यानी 0.79 प्रतिशत की उछाल के साथ 77,496.36 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 181.95 (0.76 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 24,177.65 पर ट्रेड करता नजर आया।
दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,245.83 पर खुलकर 77,982.51 का इंट्रा-डे हाई और 77,136.20 का इंट्रा-डे लो बनाया। जबकि निफ्टी50 24,096.90 पर खुलकर 24,334.70 का इंट्रा-डे हाई और 24,059.95 का इंट्रा-डे लो बनाया।
दिन की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई, लेकिन ऑटोमोबाइल और शेयर बाजार में जोरदार उछाल के चलते शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी आई। हालांकि, सत्र आगे बढ़ने के साथ बाजार इस गति को बरकरार नहीं रख सका और अपने अधिकांश लाभ गंवा बैठा।
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व्यापक बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप ने 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी एफएमसीजी में 1.75 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.48 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.15 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इसके अलावा, निफ्टी आई में 0.99 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.71 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.50 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक कमजोरी के साथ बंद हुए।
निफ्टी 50 पैक में आईटीसी, टेक महिंद्रा, कोल इंडिया, मारुति, भारती एयरटेल, टाटा कंज्यूमर, एमएंडएम और आयशर मोटर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई और ये टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि इंडिगो, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि तकनीकी दृष्टिकोण से निफ्टी के लिए ऊपर की ओर, 24,200 पहला रेजिस्टेंस बना हुआ है। दूसरी ओर, 24,000-24,100 के सपोर्ट स्तर टूटने से बाजार और गिर सकता है, जिसमें 23,900 अगला सपोर्ट स्तर होगा।
विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार भले ही बढ़त के साथ बंद हुए हों, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम निकट भविष्य में जोखिम पैदा करते रहेंगे, जिससे बाजारों में और तेजी सीमित हो सकती है।
Pic Credit : ANI
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