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अपने यहां चर्चाओं के अभिजात्यवादी स्वरूप का ही उदाहरण है कि ई-20 का चलन बढ़ने ...
अपने यहां चर्चाओं के अभिजात्यवादी स्वरूप का ही उदाहरण है कि ई-20 का चलन बढ़ने ...
भाजपा का नैरेटिव कंट्रोल प्रचार तंत्र की कमजोरी के कारण नहीं टूटा। यह कमजोर पड़ा है,
रिपोर्ट इस सोच चुनौती देती है कि स्टेशनों का आधुनिकीकरण बुनियादी यात्री सेवाओं की गारंटी कर देता है। जहां स्टेशन...
हकीकत से कटे नैरेटिव्स का अपना जीवनकाल होता है। जब उनका सामना विपरीत होते जमीनी हालात से होता है
अमेरिका के खिलाफ चीन से सहयोग करने का दोष भारत पर भी लगाया गया है। इसके अलावा जापान,
बीते कुछ वर्षों में अचानक ऐसा क्या हो गया, जिससे भारतीय खाद्य पदार्थ दुनिया में संदेह और एतराज का निशाना बनने लग...
टाटा परिवार आम चलन को तोड़ कर बाहर के व्यक्ति को चेयरमैन बनाने की उदारता तो दिखाता है, लेकिन उसे स्वतंत्र निर्णय...
एक समय अंतर-राज्यीय परिषद जैसे मंच थे, जहां केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े मुद्दों पर खुली चर्चा से अक्सर आम सहमत...
उन कदमों पर विचार अनिवार्य है, जिनसे दुस्साहसी कार्रवाइयों को चीन के लिए महंगा बनाया जाए। ऐसा तभी हो सकता है, जब...
अडानी धन की ताकत से वे अमेरिका में भी बरी हो गए हैँ। मगर इस क्रम में यह भी साफ हुआ है कि अमेरिकी न्याय व्यवस्था ...
किसी आंदोलन में विपक्ष की घुसपैठ असामान्य नहीं है। विपक्ष के अपने सियासी स्वार्थ होते हैं। दरअसल, यह सुनिश्चित क...
मोदी सरकार के साथ दिक्कत यह है कि संवाद से अधिकतम सहमति बनाने के बजाय वह ऐसी एकतरफा एवं एकांगी पहल कर देती है
चीन अमेरिका से सौदेबाजी करने में अपने को सक्षम साबित कर चुका है। इसलिए ध्यान इस पर है कि भारत इस चुनौती से कैसे ...
मोदी सरकार उचित ही यूपीआई की सफलता को अपनी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करती आई है। अब यह समझना कठिन है कि अपन...