• सत्तर साल चर्चिल सही नहीं मगर अब मोदी राज में है!

    सत्तर साल में क्या किया, सत्तर साल में क्या किया का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात दिन हल्ला करते रहते हैं। मगर इस देश ने और देश के प्रधानमंत्रियों ने सत्तर साल तकचर्चिल की बात सही साबित नहीं होने दी। प्रेम, भाईचारे, समावेश से देशचलाया। लेकिन पिछले 9 सालों में सिर्फ और सिर्फ नफरत बोई गई। जनता कोविभाजित किया गया। धर्म के नाम पर खानपान के नाम पर, कल्चर के नाम पर औरयहां तक की श्माशान और कब्रिस्तान के नाम पर। सत्तर साल तक सरकारें चर्चिल को गलत साबित करती रहीं मगर नरेन्द्र मोदी सरकार चर्चिल की कही बातों को सहीसाबित...

  • मणिपुर पर मोदी मौन क्यों ?

    हम अभी तक नहीं समझ पाए कि देश के प्रधानमंत्री देश के ही एक हिस्से में दो महीने से ज्यादा समय से चल रही भयानक हिंसा के बाद भी अभी तक उस पर क्यों नहीं बोले? क्या यह आजादी के बाद का सबसे बड़ा और दुखद आश्चर्य नहीं है? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा और गोदी मीडिया रोज पूछते हैं कि सत्तर साल में क्या हुआ? सत्तर साल में कम से कम यह तो नहीं हुआ कि देश का एक राज्य इतने लंबे समय तक हिंसा की आग में जलता रहे और प्रधानमंत्री उस राज्य का पहला अक्षर म भी नहीं बोल...

  • अब किसी तोड़फोड़ से राहुल नहीं रुकेंगे !

    तेलंगाना की राहुल की जनसभा ने दिखा दिया कि जनता किसके साथ है।...यही है फासिज्म कि हम  उठा कर ले जाएंगे, तोडेंगे, बता रहे हैं!  क्या कर लोगे? जी हां! न्यूज चैनलों और अखबारों में ऐसे ही हैडिंग भरे पड़े हैं। एनसीपी के बाद जेडीयू तोडेंगे। उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष टूटेगा। कर्नाटक बचेगा नहीं, कांग्रेस मध्य प्रदेश को याद रखे!...मीडिया का हाल बैंड बाजा टीम से भी बुरा हो गया है। बैंड वाले शोक सभा मेंखुशी की घुन नहीं बजाएंगे। चाहे आप कितना ही पैसा दे दो। एक नैतिकता, प्रोफेशनलिज्म उनमें है। मगर इस मीडिया से आप कुछ भी...

  • मध्यप्रदेश में कांग्रेस एकजुट वही भाजपा बिखरी हुई!

    विदेश से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी अभियान का दौरा बताता है कि यहां का चुनाव वे ही लड़ेगे और अपने पुराने हिंदू- मुस्लिम एजेंडे पर ही।।।।यह पहला मौका है जब मध्यप्रदेश कांग्रेस। में किसी तरह की कोई गुटबाजी नहींहै। दोनों बड़े नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह मिलकर काम कर रहे हैं।।।।अब कहानी उल्टी हो गई है। भाजपा में, जहां गुटबाजी कभी होती नहीं थी, होनेलगी और कांग्रेस जिसके नेता बिना गुट बनाए राजनीति कर ही नहीं सकते थेवहां यह गायब हो गई। निश्चित ही रूप से इसका श्रेय दिग्विजय सिंह को जाताहै। हिंदू-मुसलमान के अपने पुराने एजेंडे के...