• एक और घोटाले की यादें

    ‘स्कैम 2003’ की स्क्रिप्ट लिखने में भी संजय सिंह से मदद ली गई है और निर्देशन तुषार हीरानंदानी का है जिन्होंने ‘सांड की आंख’ निर्देशित की थी।सना अमीन शेख, मुकेश तिवारी, भरत जाधव और शाद रंधावा को इस सीरीज़ से कुछ पहचान मिलेगी। ग़ज़ल गायक तलत अज़ीज़ को भी फायदा होगा जो अब अभिनय को गंभीरता से लेते दिखते हैं। मगर सबसे ज़्यादा लाभ तेल्गी बने गगन देव रियार को होगा। जितनी सहजता से उन्होंने इसे निभाया है उसके लिए हमारे जाने-माने कलाकारों को भी बहुत मेहनत करनी पड़ती। परदे से उलझती ज़िंदगी ख़्वाबों की कीमत क्या होनी चाहिए? ‘मेरे...

  • अपने-अपने रहस्यों का ‘कोहरा’

    हमारी फिल्मों और वेब सीरीज़ में पिछले कुछ सालों से एक बड़ा अंतर आया है। अब कहानी या स्क्रिप्ट पात्रों के चरित्र चित्रण की बारीकियों में, उसकी तहों में जाने लगी है। इसीलिए अब कोई पात्र केवल अच्छा नहीं है और केवल बुरा भी नहीं है। उसके चरित्र की परतें बताती हैं कि वह क्यों अच्छा है और क्यों और कहां बुरा है।  परदे से उलझती ज़िंदगी मूल रूप से पंजाबी सिनेमा के कलाकार सुविंदर विकी ने ‘उड़ता पंजाब’ और ‘केसरी’ जैसी फिल्मों में और फिर वेब सीरीज़ ‘कैट’ में भी मार्के का काम किया था। लेकिन नेटफ़्लिक्स पर हाल...

  • सफलतम मलयाली फ़िल्म ‘2018’

    ‘2018: एवरीवन इज़ अ हीरो’ की कहानी है। इसे मलयाली सिनेमा के इतिहास की सबसे सफल फिल्म माना गया है। जूड एंथनी जोसेफ़ की लिखी और निर्देशित यह फिल्म मई में रिलीज़ हुई थी। पूरी फिल्म पर बीस करोड़ की लागत आई जबकि यह उससे दस गुने यानी दो सौ करोड़ से भी ज्यादा कमा चुकी है। पहले कभी कोई मलयाली फिल्म बॉक्स ऑफ़िस पर इस आंकड़े को नहीं छू पाई थी। इसके कलाकार टोवीनो थॉमस, कुंचाको बबान, नारायण, आसिफ अली, विनीत श्रीनिवासन, गौतमी नायर, अपर्णा बालमुरली, नरेन और लाल को अब जैसे पूरा केरल जानता है। परदे से उलझती...

  • कथा के सहारे सत्यप्रेम

    नो मीन्स नो। फिल्मों में और हमारी अदालतों में आने वाले केसों में काफी समय से यह मुद्दा चल रहा है। इसका मतलब है कि महिला और पुरुष के रिश्तों में शारीरिक संबंधों की सीमा वहीं तक होनी चाहिए जहां तक महिला की रज़ामंदी हो। अगर वह आगे बढ़ने से मना करती है तो उसके इस इन्कार का सम्मान होना चाहिए। ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी नाच-गाने और मस्ती वाली फिल्म में ऐसा संदेश लोगों को चकित करता है। मगर यह फिल्म इस मुद्दे पर किसी गंभीर बहस की पक्षधर नहीं लगती। निर्माता साजिद नडियाडवाला और निर्देशक समीर विद्वांस इस बात...

  • एआई बताएगा फ़िल्मों का भविष्य?

    वार्नर ब्रदर्स ने सिनेलिटिक्स नामक कंपनी से अनुबंध किया है जो आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए फिल्म से संबंधित हर तरह के फैसले लेने में मदद करेगी।  ऐसी कंपनियां फिल्म के विषय की बाबत नए आइडिया देने के अलावा कहानी, स्क्रीनप्ले और संवाद लिखने में भी आर्टीफ़ीशियल इंटेलीजेंस का घालमेल कर रही हैं। … पूरी दुनिया में फिल्मों और वेबसीरीज़ के लिए बेहतर और नई कहानियों की जो मारामारी चल रही है उसमें एआई खासा कारगर हो रहा है जो कि लेखकों के लिए एक संकट की तरह है। हॉलीवुड में किसी स्क्रीनप्ले पर अगर चार लोग काम कर रहे हैं...

  • ‘आदिपुरुष’ की विचित्र रामायण

    आदिपुरुष’का हल्ला बहुत हुआ। मगर फिल्म फिल्म दर्शकों में वह सम्मान नहीं जीत सकती जिसकी आकांक्षा में इसे बनाया गया है। बल्कि पहले ही दिन दर्शकों ने जो प्रतिक्रिया दी उससे बॉक्स आफ़िस पर भी इसकी उम्मीदें थोड़ी सिकुड़ गई हैं। वीएफ़एक्स का आधिक्य इस छह सौ करोड़ से ऊपर की फिल्म को किसी वीडियो गेम जैसे अहसास में बदल देता है। गीत बेहतर हैं, पर विजुअल बेहद मामूली हैं और संवाद तो इस अजब फिल्म की सबसे बड़ी समस्या हैं। संभव है, दक्षिण की भाषाओं में संवाद कुछ गरिमामय हों, लेकिन हिंदी में इतने घटिया हैं कि आप सोचने...

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