बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गर्दनीबाग के एक मामले में अदालत से राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को उन्हें 31 साल पुराने इस मामले में जमानत दे दी।
सांसद पप्पू यादव के वकील शिवनन्दन भारती ने कहा कि अदालत ने गर्दनीबाग के 552/95 के मामले में सुनवाई करते हुए जमानत दे दी। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्धा कॉलोनी थाना के एक मामले में 11 फरवरी को सुनवाई होगी।
बता दें कि पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात उनके पटना के मंदिरी स्थित घर से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार किया गया था। बताया गया कि यह कार्रवाई सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बार-बार गैरमौजूद रहने के कारण अदालत द्वारा जारी संपत्ति अटैचमेंट वारंट के बाद की गई। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर आईजीआईएमएस लेकर गई थी और उसके अगले दिन उन्हें पीएमसीएच में शिफ्ट किया गया था।
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आवास से उन्हें बाहर लाते समय समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। गिरफ्तारी में बाधा और सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में शनिवार को बुद्धा कॉलोनी में सांसद को नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी की गई थी। इसी मामले के कारण सांसद अभी न्यायिक हिरासत से बाहर नहीं आ पाएंगे।
बता दें कि गर्दनीबाग का मामला 1995 में गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी विवाद से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, घर के मालिक ने आरोप लगाया कि सांसद ने धोखे से उनकी संपत्ति अपने ऑफिस चलाने के लिए ले ली थी। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने दावा किया कि उनका घर धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया गया, एक ऐसा तथ्य जिसे उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के समय छिपाया गया था।
Pic Credit : ANI
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