छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास हुए एक आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब सुरक्षाबलों की टीम डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर दुख जताते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में डीमाइनिंग अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में डीआरजी के तीन वीर जवानों के शहीद होने तथा एक जवान के घायल होने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
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उन्होंने आगे कहा ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकसंतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें। प्रदेश सरकार शहीद परिवारों और घायल जवान के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं दृढ़ता से खड़ी है। उनका साहस, समर्पण और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
बता दें कि इस आईईडी विस्फोट में डीआरजी के चार जवान घायल हो गए थे। इनमें इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली जानकारी और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने सैकड़ों आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया था। बावजूद इसके, माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए विस्फोटक अब भी खतरा बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई, जब कांकेर जिला पुलिस की टीम एक आईईडी को निष्क्रिय कर रही थी और अचानक उसमें विस्फोट हो गया।
Pic Credit : ANI
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