दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने को लेकर राजधानी में हाहाकार मचा हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की मौजूदा भाजपा सरकार ने शिक्षा माफिया को खुली छूट दे दी है, जिसके चलते निजी स्कूल अब पेरेंट्स से मनमर्जी मोटी फीस वसूल रहे हैं। आतिशी ने बताया कि कई निजी स्कूलों ने इस साल भारी भरकम फीस बढ़ा दी है। इससे परेशान अभिभावक स्कूलों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्कूल प्रबंधन से मिलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि कई प्रमुख स्कूलों जैसे लांसर कॉन्वेंट (30 प्रतिशत वृद्धि), सलवान पब्लिक स्कूल (18 प्रतिशत), सेंट एंजेल्स स्कूल (11 प्रतिशत) ने हाल ही में फीस बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके अलावा अहल्कॉन पब्लिक स्कूल, बिरला विद्या निकेतन, रुक्मिणी देवी पब्लिक स्कूल, ग्रीनफील्ड पब्लिक स्कूल जैसे कई और स्कूलों में भी फीस बढ़ाई गई है।
स्कूल फीस बढ़ोतरी पर आतिशी का विरोध
आतिशी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि बढ़ी हुई फीस को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। जिन स्कूलों ने फीस बढ़ाने की मांग की है, उनके खातों का समयबद्ध तरीके से सीएजी द्वारा ऑडिट कराया जाए। सिर्फ उन्हीं स्कूलों को सीमित फीस वृद्धि की अनुमति दी जाए जिनके खर्च बिना बढ़ी फीस के पूरे नहीं हो सकते।
Also Read : सात साल बाद ताहिरा कश्यप को फिर हुआ कैंसर
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भी यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए मजबूत नियामक तंत्र की आवश्यकता है। जो काम पहले की सरकार ने दिल्ली में किया, उसे नई सरकार कमजोर कर रही है। अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शिक्षा के व्यवसायीकरण की संस्कृति को दिल्ली में दोबारा पनपने नहीं देंगी और तत्काल आवश्यक कदम उठाएंगी।
आतिशी ने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, तब स्कूलों की फीस पर सख्त नियंत्रण था और बिना उचित प्रक्रिया के कोई भी स्कूल अपनी फीस नहीं बढ़ा सकता था। लेकिन अब भाजपा सरकार के संरक्षण में निजी स्कूलों को खुली छूट मिल गई है।
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं, जिनमें निजी स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। फीस बढ़ाने वाले सभी निजी स्कूलों का सीएजी से मान्यता प्राप्त ऑडिटर के माध्यम से ऑडिट कराया जाए। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही स्कूलों को अधिकतम 1-2 प्रतिशत फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाए।
आतिशी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर इस अन्याय के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
Pic credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.




