नई दिल्ली। दिल्ली की शराब नीति में हुए कथित घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में आम आदमी पार्टी के एक नए नेता निशाने पर आए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के बाद अब दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत से ईडी ने पूछताछ की है। शनिवार को ईडी के कार्यालय में गहलोत से कोई साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ हुई। गौरतलब है कि केजरीवाल, सिसोदिया और संजय सिंह इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
बहरहाल, कार्यालय से बाहर निकलने के बाद केजरीवाल के मंत्री गहलोत से ईडी की पूछताछ में कैलाश गहलोत ने कहा- मुझसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ हुई। ईडी का कैलाश गहलोत को यह दूसरा समन था। पहला सम्मन उन्हें विधानसभा सत्र के दौरान मिला था। ईडी ने शराब नीति का मसौदा तैयार करने में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की। उन्होंने कहा- ईडी अगर बुलाएगी तो मैं आगे भी आऊंगा। गहलोत ने कहा- मैं मंत्रियों के समूह का हिस्सा था। मुझे आतिशी के गोवा चुनाव प्रभारी होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। दिल्ली के नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में परिवहन, गृह और कानून मंत्री हैं।
ईडी कार्यालय में कैलाश गहलोत सुबह करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे थे और छह बजे वहां से बाहर निकले। गौरतलब है कि कैलाश गहलोत वित्त वर्ष 2021-22 के लिए नई शराब नीति की तैयारी और उस पर अमल के लिए बनी समिति में पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ मंत्रियों के समूह का हिस्सा थे। ईडी ने आरोप लगाया है कि यह नीति कुछ खास कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, जिसमें आम आदमी पार्टी को एक सौ करोड़ रुपए मिले थे।
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