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गुजरात

सूरत सीट बिना लड़े जीत गई भाजपा

ByNI Desk,
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सूरत। लोकसभा चुनाव में नतीजे आने से डेढ़ महीना पहले ही भाजपा का खाता खुल गया है। भाजपा सूरत लोकसभा सीट बिना लड़े जीत गई है। कांग्रेस उम्मीदवार और उनके डमी उम्मीदवार दोनों का नामांकन खारिज किए जाने के बाद बचे हुए आठ उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया, जिससे भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीत गए। सूरत के निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें सोमवार को जीत का सर्टिफिकेट भी सौंप दिया।

गौरतलब है कि सूरत सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभाणी का नामांकन रद्द हो गया था। कहा गया कि उनके नामांकन में गवाहों के नाम और दस्तखत में गड़बड़ी थी। इसके बाद कांग्रेस के डमी उम्मीदवार का भी नामांकन खारिज हो गया। इस पर नामांकन करने वाले सात निर्दलीय उम्मीदवारों ने रविवार को ही अपना नाम वापस ले लिया था। सोमवार को बसपा के उम्मीदवार प्यारे लाल भारती ने भी नाम वापस ले लिया। इस तरह भाजपा के उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध चुने गए।

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गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने इस मामले में कहा है- हमारी कानूनी टीम सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। कानूनी टीम इस बात पर विचार कर रही है कि पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाए या फिर सीधे सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई जाए। बहरहाल, मुकेश दलाल निर्विरोध चुने जाने वाले भाजपा के पहले सांसद बने हैं। गुजरात के चुनावी इतिहास में भी यह पहला मौका है, जब कोई सांसद बिना चुनाव लड़े ही जीत गया हो।

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इससे पहले भाजपा के पूर्व डिप्टी मेयर दिनेश जोधानी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभाणी के नामांकन में प्रस्तावकों के फर्जी दस्तखत करवाए गए हैं। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने 21 अप्रैल को इस मामले में स्पष्टीकरण मांगते हुए कुंभाणी को रविवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया था। नामांकन पत्र रद्द करने को लेकर रविवार को कलेक्टर और चुनाव अधिकारी के सामने सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान फॉर्म पर दस्तखत करने वाले चारों प्रस्तावक भी नदारद थे। इसके चलते आखिरकार चुनाव अधिकारी ने नीलेश कुंभाणी का फॉर्म रद्द कर दिया।

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कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने 22 अप्रैल को इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की। उन्होंने कहा- एक बार होता है तो तुक्का होता है। दूसरी बार हो तो संयोग कहा जाता है। तीसरी बार हो तो दुश्मन की कार्रवाई मानी जाती है। सूरत में ये बार बार हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार के चार प्रस्तावकों ने एक साथ खड़े होकर कहा कि फॉर्म में हमारे दस्तखत नहीं हैं। उन्होंने कहा- सूरत से बाकी उम्मीदवारों ने भी नाम वापस ले लिया। ऐसा अजूबा हमने देखा नहीं। हमने चुनाव आयोग से कहा कि नॉन प्लेइंग फील्ड बना दिया गया है, समतल जमीन नहीं रखी गई। हमने सूरत में चुनाव स्थगित करने की मांग की है।

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