झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 7721 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
इसके पहले सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष के विधायक राज्य में छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किए जाने पर सदन के वेल में घुसकर हंगामा करने लगे। इसपर सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल में पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। लगातार हो रही नारेबाजी और हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि अगर सदन में शोर-शराबा ही होना है, तो सर्वदलीय बैठक और कार्य मंत्रणा समिति की बैठकों का कोई महत्व नहीं रह जाता। अध्यक्ष की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
Also Read : डीजीसीए का टैरिफ निगरानी दस्ता 78 हवाई मार्गों के किरायों की कर रहा मॉनिटरिंग: केंद्र
12 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो शून्यकाल में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिलने और किसानों की धान की सरकारी खरीद न होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कई महीनों से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। वे फीस जमा करने के लिए होटल में प्लेट धोने का काम कर रहे हैं। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान धान काटकर घर ले आए हैं और मजबूरन उन्हें बिचौलियों को 15-16 रुपए किलो धान बेचना पड़ रहा है। सबसे पहले इस पर चर्चा की जानी चाहिए। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धान खरीद में हो रही देरी और किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाया।
इससे पहले भाजपा विधायक दल की बैठक मरांडी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सरकार की नीतियों को लेकर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई। शून्यकाल में अन्य विधायकों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके बाद राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


