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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में ‘पढ़े-लिखे’ मतदाताओं ने भाजपा को नकारा : संजय राउत

Sanjay Raut

महाराष्ट्र विधान परिषद की तीन स्नातक सीटों पर हुए चुनाव में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन की हार के बाद शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि स्नातक मतदाताओं ने भाजपा और उसके सहयोगियों को नकार दिया।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा केवल इसलिए हारी, क्योंकि चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए गए। हालांकि, राउत ने इस बात पर जोर दिया कि सत्तारूढ़ और विपक्षी, दोनों खेमों में गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया गया। विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) का घटक दल शिवसेना (उबाठा) कोई भी सीट जीतने में विफल रहा है।

विधान परिषद की पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर 23 अक्टूबर को हुए चुनाव में विपक्षी एमवीए ने तीन सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को दो सीटें मिलीं।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे और औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) स्नातक सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना ने पुणे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने विधान परिषद की 28 सीटों पर कांग्रेस की एक भी सीट नहीं जीत पाने को लेकर उसका मजाक उड़ाया था, राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति को प्रमुख विपक्षी दल के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री की पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रुझान बदल गए और कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट जीत ली।

मोदी ने बुधवार को मतपत्रों के इस्तेमाल के बावजूद कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर उसका मजाक उड़ाया था। विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की लगातार मांग करते रहे हैं।

राउत ने कहा कि नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को विधान परिषद चुनाव के नतीजों से संबंधित अपनी एक पोस्ट हटानी पड़ी।

उन्होंने कहा भाजपा को नागपुर और वाराणसी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। मराठवाड़ा, पश्चिमी महाराष्ट्र और विदर्भ में स्नातक मतदाताओं ने भाजपा को हराया। पढ़े-लिखे मतदाताओं ने भाजपा को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा केवल इसलिए हारी, क्योंकि चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए गए।

Pic Credit : UNI

By Naya India

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