मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग लेकर मनोज जरांगे पाटिल हजारों आंदोलनकारियों के साथ मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं। इस बार आंदोलनकारियों ने निर्णायक लड़ाई की घोषणा की है। शनिवार को मनोज जरांगे ने जालना से मुंबई तक विरोध मार्च शुरू किया था। शनिवार को शुरू हुआ उनका मार्च रविवार, 21 जनवरी को सुबह बीड पहुंचा। भाजपा के दिग्गज ओबीसी नेता रहे दिवंगत गोपीनाथ मुंडे के क्षेत्र बीड में पहुंचने पर जेसीबी से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया। उन्हें 50 किलो का फूलों का हार भी पहनाया गया।
बीड पहुंच कर मनोज जरांगे पाटिल ने कहा- जब तक आरक्षण का गुलाल मराठों के सर पर नहीं पड़ेगा तब तक हम मुंबई से नही लौटेंगे। मुझसे कहा जा रहा है कि मुंबई मत आइए। जो ऐसा कह रहे हैं मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप नसीब वाले हो, आप पर गुलाल डालने के लिए मराठा मुंबई आ रहे हैं। उन्होंने कहा- अगर सरकार के लोग हमसे बात करने के लिए आ रहे है तो हमारा दरवाजा बंद नहीं है। लेकिन हम पीछे नही हटेंगे। बताया जा रहा है कि आंदोलनकारी 26 जनवरी को मुंबई पहुंचेंगे।
इस बीच मराठा आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक की है। हालांकि, बैठक में क्या बातें हुई हैं, इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। इससे पहले 25 अक्टूबर 2023 को मनोज जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने मराठा समुदाय को ओबीसी का दर्जा देकर आरक्षण देने की मांग रखी है। उस समय नौ दिनों में आंदोलन से जुड़े 29 लोगों ने खुदकुशी कर ली थी।
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