महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आगामी पुणे कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को ” पैसे लेकर आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम” बताते हुए आरोप लगाया है कि वह भीड़ जुटाने और प्रचार करने के लिये पैसे का इस्तेमाल कर रही है।
भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने शनिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि लोग स्वेच्छा से राहुल गांधी के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भीड़ जुटाने और सोशल मीडिया पर अनुकूल कवरेज हासिल करने के लिये पैसे की पेशकश कर रही है।
उन्होंने इसे कांग्रेस का नया “पीपीपी मॉडल” और ” पैसे लेकर आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम” बताया है और यह आरोप लगाते हुये कई वीडियो प्रदर्शित किये। श्री बान ने यह दावा किया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पुणे कार्यक्रम में भाग लेने या उसका प्रचार करने के लिये कथित तौर पर 30 हजार रुपये से 35 हजार रुपये प्रति व्यक्ति की पेशकश की जा रही है।
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श्री बान ने आरोप लगाते हुये कहा, “यह छात्रों का उत्साह से भरा कोई कार्यक्रम नहीं बल्कि कांग्रेस का एक शुल्क लेकर आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम है। पार्टी सशुल्क भागीदारी और सोशल मीडिया गतिविधि के माध्यम से राहुल गांधी के लिये जनसमर्थन का आभास कराने का प्रयास कर रही है।
श्री बान ने आगे यह भी दावा किया कि अगर लगभग तीन हजार लोगों को 30 हजार से 35 हजार रुपये प्रति व्यक्ति का भुगतान किया जाये, तो कुल खर्च नौ करोड़ से दस करोड़ रुपये तक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से पुनर्जीवित करने के प्रयास में केवल भीड़ जुटाने के लिये लगभग दस करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
Pic Credit : ANI
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