Meghna Bordikar : महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मेघना बोर्डीकर के खिलाफ विधान परिषद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया गया है। कांग्रेस विधायक धीरज लिंगाड़े ने यह प्रस्ताव पेश किया। इसमें मंत्री पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। मामला बुलढाणा जिले में लड़कों में गंजेपन की समस्या से जुड़ा है। (Meghna Bordikar)
दरअसल, पद्मश्री डॉ. हिम्मतराव बाविस्कर के एक शोध में खुलासा हुआ था कि राशन में मिलने वाले गेहूं में सेलेनियम की अधिक मात्रा के कारण लोगों के बाल झड़ रहे हैं। इस शोध के आधार पर विधान परिषद में सवाल उठाया गया था। लेकिन स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर ने जवाब में कहा कि गेहूं में मौजूद सेलेनियम से बाल झड़ने की समस्या नहीं होती। उनके इस बयान को कांग्रेस विधायक धीरज लिंगाड़े ने गलत और भ्रामक बताया।
धीरज लिंगाड़े ने आरोप लगाया कि मंत्री ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश की, जो विधायकों के विशेषाधिकार का हनन है। इसके बाद उन्होंने विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे के सामने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। अध्यक्ष ने शिकायत को स्वीकार करते हुए इसकी जांच के संकेत दिए हैं।
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विधान परिषद में बहस तेज, मेघना बोर्डीकर पर प्रतिक्रिया का इंतजार (Meghna Bordikar)
यह मामला अब विधान परिषद में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस विधायक धीरज लिंगाड़े ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीर होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंत्री को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। (Meghna Bordikar)
वहीं, मेघना बोर्डीकर ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक स्टंट बता रहा है।
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