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‘वीर बाल दिवस’ राष्ट्रपति प्रदान करेंगी ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’

शुक्रवार 26 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। इस दिन विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) प्रदान किए जाएंगे। ये पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएंगे।  

केंद्र सरकार के अनुसार ये पुरस्कार वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल क्षेत्रों में असाधारण उत्कृष्टता के लिए प्रदान किए जाते हैं। वीर बाल दिवस के इस राष्ट्रीय आयोजन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर बच्चों और युवाओं को संबोधित करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में युवा नागरिकों की भूमिका को रेखांकित करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत के युवा वीरों के साहस, बलिदान और अनुकरणीय मूल्यों को स्मरण किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बच्चों को प्रदान किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। वर्ष 2025 में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 बच्चों का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है। भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय यह कार्यक्रम आयोजित करेगा। यहां वीरता, दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा की प्रेरक कहानियों को प्रस्तुत किया जाएगा जिससे बच्चों और युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। विकसित भारत 2047 के अनुरूप सशक्त और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया जाएगा।

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इस कार्यक्रम में देशभर से स्कूली बच्चे, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्तकर्ता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत और वीरता की भावना को प्रदर्शित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह का प्रमुख हिस्सा होंगी। गौरतलब है कि स्कूली छात्रों से लेकर युवाओं तक सभी को मार्गदर्शन व प्रेरित करने के लिए कई विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ऐसी ही एक योजना पीएम-युवा 3.0 है, जिसके परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। 

प्रधानमंत्री युवा लेखकों के मार्गदर्शन हेतु योजना लेखन से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। एनबीटी-इंडिया की वेबसाइट पर यह नतीजे प्रकाशित किए गए हैं। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के मुताबिक इस संस्करण के अंतर्गत 30 वर्ष से कम आयु के 43 युवा लेखकों के पुस्तक प्रस्ताव अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित किए गए हैं। ये प्रस्ताव भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं और अंग्रेजी में प्राप्त हुए हैं। 

इन भाषाओं में डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, असमिया, बांग्ला, बोडो, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मैथिली, ओड़िया, पंजाबी, संताली, सिंधी, तमिल, तेलुगु, संस्कृत और उर्दू शामिल हैं। इतनी व्यापक भाषायी भागीदारी देशभर में समावेशी साहित्यिक विकास को बढ़ावा देने की योजना के उद्देश्य को और सुदृढ़ करती है। न्यास का कहना है कि चयनित 43 लेखकों में 19 महिलाएं और 24 पुरुष हैं। इन चयनित पुस्तक प्रस्तावों को छह माह के भीतर प्रतिष्ठित विद्वानों के मार्गदर्शन में पुस्तकों का रूप दिया जाएगा। प्रत्येक चयनित लेखक को 50,000 रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति तथा प्रकाशित पुस्तक पर आजीवन 10 प्रतिशत रॉयल्टी भी प्रदान की जाएगी।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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