आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति के तहत गृह मंत्रालय ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रतिबंधित संगठनों के 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया है।
आतंकवादी घोषित व्यक्तियों में से 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक हैं । ये सभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार भारत और भारत के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने आज प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को ‘गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया।
ये घोषित आतंकवादी भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमले करने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद करने, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती करने जैसे कामों में शामिल हैं। आज घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं और 6 भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, ये सभी अभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मोदी सरकार भारत और के लोगों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।
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गृह मंत्रालय ने कहा है कि इन्हें औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया जाना न केवल इनके वित्तीय तंत्र, आवागमन, भर्ती क्षमता और आतंक समर्थित गतिविधियों की रोकथाम कर आतंकी इकोसिस्टम को ख़त्म करने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि राष्ट्र-विरोधी एवं आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक सशक्त निरोधक होने का भी सन्देश देगा। इसके अतिरिक्त, यह सुरक्षा एवं विधि प्रवर्तन संस्थाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तर पर समन्वित वैधानिक, अन्वेषणात्मक और निवारक कार्रवाई आरम्भ करने की क्षमता को बढ़ावा देगा।
इनमें से ज्यादातर आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जमात-उद-दावा (जेयूडी), हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (एचयूएम), पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे कुख्यात आतंकवादी संगठनों से जुड़े हैं।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) में संशोधन के बाद से अब तक कुल 57 व्यक्तियों को उक्त अधिनियम की धारा 35 के अधीन चतुर्थ अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में निर्दिष्ट किया गया है।
इन आतंकवादियों में मसूद इलियास कश्मीरी , मोहम्मद मुसादिक , मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान, हाफ़िज़ अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी , फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, हारून रशीद गनई , बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नज़ीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ , अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वालीद , मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की , मौलाना सैफुल्लाह खालिद , मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी , ओवैस फारूज़, क़ारी याक़ूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जाट और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल हैं।
Pic Credit : ANI
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