पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के जेवान स्थित पुलिस स्मारक पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भी शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मानित करते हुए अपनी श्रद्धांजलि दी।
उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर पुलिस को कर्तव्य, अनुशासन, निष्ठा और निस्वार्थ सेवा की मिसाल बताया। उन्होंने कहा हमारे बहादुर पुलिस कर्मियों ने हमेशा राष्ट्र के विकास और नागरिकों की सुरक्षा को अपनी जान से ऊपर रखा। तिरंगे के प्रति उनका गहरा प्रेम मातृभूमि के लिए बलिदान का मूल कारण है।
उन्होंने आतंकवाद, अपराध, और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों का सामना करने में पुलिस की प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि उनका बलिदान भावी पीढ़ियों को देश सेवा के लिए प्रेरित करता है।
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उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से आतंकवादी खतरों के खिलाफ सतत सतर्कता और तैयारियों का आह्वान किया। उन्होंने आपराधिक न्याय प्रणाली के पांच स्तंभों, पुलिस, अभियोजन, न्यायपालिका, फोरेंसिक और जेल, से एकजुट होकर कार्य करने और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने नए अपराध रुझानों, नशीली दवाओं की तस्करी और झूठे प्रचार का जवाब देने के लिए नवाचार और स्मार्ट तकनीक अपनाने पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस शहीदों के परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने हेतु कई कल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है। इस अवसर पर डीजीपी नलिन प्रभात ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। शहीदों के सम्मान में शस्त्र झुकाए गए और दो मिनट का मौन रखा गया। उपराज्यपाल ने रक्तदान शिविर का भी दौरा किया।
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा पोस्ट में कहा गया, “मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर श्रीनगर के जेवान में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को सम्मानित किया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की गौरवशाली विरासत और शहीदों का बलिदान देश के लिए एक प्रेरणा है। उपराज्यपाल ने नागरिकों की सुरक्षा और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पुलिस और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Pic Credit : ANI


