नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआऱ के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस चरण में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले दो चरण में 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया हुई। तीसरे चरण के बाद सिर्फ हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख बचेंगे, जहां बाद में एसआईआर होगा।
चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि एसआईआर का तीसरा चरण 30 मई से शुरू होगा और 30 दिसंबर तक चलेगा। यानी सात महीने का समय निर्धारित किया गया है। पहले चरण में बिहार में एसआईआर का अभियान तीन महीने में पूरा हुआ था, जबकि दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में भी एसआईआर की प्रक्रिया छह महीने से कम समय में पूरी की गई। हालांकि पश्चिम बंगाल में अब भी तार्किक विसंगति के आधार पर जिन लोगों के नाम कटे हैं उनके मामलों की सुनवाई चल रही है।
बहरहाल, अगले साल सात राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इनमें से तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात और गोवा में एसआईआर का काम हो चुका है, जबकि हिमाचल प्रदेश में बाद में होगा। बाकी तीन राज्यों उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर में एसआईआर का काम तीसरे चरण में होगा। इसके अलावा 2028 में जिन राज्यों में चुनाव हैं उनमें से कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नगालैंड और तेलंगाना में भी तीसरे चरण में एसआईआर होगा। 2029 में लोकसभा के साथ और उसके बाद जिन राज्यों में चुनाव होते हैं उनमें से आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में भी तीसरे चरण में मई से दिसंबर के बीच एसआईआर होगा।
बहरहाल, एसआईआर के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए उनमें बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में नई बनी पार्टी टीवीके ने जीत हासिल की है। गौरतलब है कि असम में एसआईआर नहीं, बल्कि एसआईर यानी विशेष पुनरीक्षण हुआ था। चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि तीसरे चरण की एसआईआर प्रक्रिया में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ तैनात होंगे। बीएलओ की मदद के लिए राजनीतिक दलों की ओर से करीब साढ़े तीन लाख बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए नियुक्त किए जाएंगे।
तीसरे चरण में एसआईआर वाले राज्यों में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मतदाता हैं, जबकि दादरा और नगर हवेली व दमन दीव में मतदाताओं की संख्या सबसे कम है। चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में एसआईआर कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर हो चुका है। चुनाव आयोग ने बताया है कि पहले दो चरण में करीब 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख बीएलओ और 9.2 लाख बीएलए प्रक्रिया में शामिल हुए।


