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  • तार्किक विसंगति के दावे तर्कसंगत नहीं हैं

    चुनाव आयोग ने तार्किक विसंगति के नाम पर पश्चिम बंगाल में 27 लाख 10 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए। इन मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 19 न्यायाधिकरण बनाए गए हैं। ये सभी न्यायाधिकरण कोलकाता के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड सैनिटेशन से काम कर रहे हैं। यह कोलकाता के जोका इलाके में स्थित है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस इंस्टीट्यूट के बाहर ऐसी सख्त पहरेदारी है, जैसी अमेरिका को फोर्ट नॉक्स में नहीं होगी, जहां उसका सोने का भंडार रखा हुआ है। इंस्टीट्यूट के बाहर कई...

  • बंगाल का विवाद तो और बढ़ जाएगा

    सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कटे नामों को लेकर जो कुछ कहा है वह आगे के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सोमवार, 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कहा कि अगर जीत हार का अंतर कम होता है और कटे हुए नामों का प्रतिशत ज्यादा होता है तो अदालत दखल दे सकती है। इतना ही नहीं बेंच ने मिसाल देकर कहा कि नाम 15 फीसदी कटे हैं और जीत हार का अंतर दो फीसदी है तो इस पर विचार करना होगा। यह सर्वोच्च अदालत...

  • जो सवाल मंडराते रहेंगे

    पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बहाने ढूंढना वाला था। इससे भारत की चुनाव प्रणाली की साख पर टिकाऊ सवाल खड़े हुए हैँ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कई महत्त्वपूर्ण चिंताएं जताईं। उनका सार है कि कम-से-कम इस राज्य में एसआईआर प्रक्रिया साफ-सुथरी नहीं रही। नतीजतन, लाखों व्यक्ति मताधिकार से वंचित होते नजर आ रहे हैं। जस्टिस बागची ने “तार्किक विसंगतियों” का मुद्दा उठाया। ये मुद्दा तब उठा था, जब...

  • बंगाल में एक एक करते जुड़ते रहेंगे नाम

    पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कह दिया है कि वह मतदाता सूची फ्रीज करे। वैसे भी पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो मतदाता सूची फ्रीज होनी ही थी। लेकिन साथ ही सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि विचाराधीन श्रेणी के जिन लाखों लोगों के नाम कटे हैं उनकी आपत्तियों और दावे सुनने के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल अपना काम करते रहेंगे। इतना ही नहीं, जो सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाएगा उसकी बात वहां भी सुनी जाएगी। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट ने एक...

  • चुनाव आयोग की गड़बड़ियां संयोग हैं या प्रयोग?

    चुनाव आयोग द्वारा अचानक कुछ ज्यादा ही ग़ड़बड़ियां होने लगी हैं। कहीं भाजपा की मुहर लगी चिट्ठी जारी हो जा रही है तो कहीं वेबसाइट में ऐसी गड़बड़ी दिखने लग रही है कि सांसदों के नाम ही मतदाता सूची से गायब हो जा रहे हैं। हर बार चुनाव आयोग कहता है कि तकनीती गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है या मानवीय भूल थी, जिस पर कार्रवाई कर दी गई है। लेकिन सवाल है कि इतनी गड़बड़ियां अचानक होने लगना संयोग है या प्रयोग? इससे पहले कभी इतनी गड़बड़ी नहीं हुई। यह भी सवाल है कि पश्चिम बंगाल में...

  • कौन लोग हैं, जिनके नाम कट रहे हैं?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार, 22 मार्च को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में अपने साप्ताहिक कॉलम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कटने वाले नामों के आंकड़े दिए, उस पर आधारित एक निष्कर्ष निकाला और एक दिलचस्प सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि लाखों वयस्क लोग, औसतन 10 फीसदी, मतदाता सूची से गायब हैं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया, ‘क्या गायब लोग वयस्क हैं, हां। क्या वे लोग नागरिक हैं, हां, जब तक कि इसके उलट कोई बात प्रमाणित नहीं होती है, फिर वे क्यों गायब हैं’? बहुत दिलचस्प है यह सवाल। वे कह रहे हैं...

  • संदेह का समाधान नहीं

    क्या एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसी मतदाता सूची सामने आ पाएगी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम दलों एवं हितधारकों को यकीन हो? ऐसा नहीं हुआ, तो जाहिर है, विधानसभा चुनाव संदेह के साये में होगा। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चप्पे-चप्पे निगरानी की। नतीजतन 50 लाख दावे और आपत्तियां दर्ज करा दी गईं। उन अर्जियों को जैसे- तैसे ना निपटा दिया जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखी है। चूंकि उसकी दलीलों में दम है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय को यह...

  • देश के 22 राज्यों में एक साथ होगा एसआईआर

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राजधानी दिल्ली सहित देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का फैसला किया है। गौरतलब है कि अभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम चल रहा है। पिछले साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिहार में एसआईआर का काम हुआ था। अब बचे हुए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने गुरुवार को 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को चिट्ठी लिख कर एसआईआर से जुड़ी तैयारी का...

  • भाजपा विधायक ने की एसआईआर की शिकायत

    देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम चल रहा है। लगभग सभी राज्यों में भाजपा विरोधी पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा लग रहा है कि भाजपा को ही इससे समस्या हो रही है। एसआईआर के पहले चरण के बाद जो मसौदा मतदाता सूची जारी हुई उसमें दो करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम कट गए। भाजपा के नेता मान रहे हैं कि इसमें ज्यादातर भाजपा समर्थक मतदाता हैं। यह भी कहा जा रहा है कि शहरी इलाकों की सोसायटियों में रहने वाले...

  • नाम हटाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल: ममता

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग पर हमला किया। वे सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिली थीं। उसके एक दिन बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि चुनिंदा तरीके से लोगों के नाम हटाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल विधायकों वाली सीटों से चुन चुन कर नाम हटाए जा रहे हैं। ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा, ‘पहले फेज में उन्होंने 58 लाख नाम हटा दिए, वे पीड़ितों को फॉर्म नंबर छह भरकर...

  • राहुल ने एसआईआर पर सवाल उठाया

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार वोट चोरी के आरोप लगाते रहे राहुल गांधी ने गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसआईआर के जरिए वोट छीनने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट में लिखा है, ‘जहां-जहां एसआईआर है, वहां-वहां वोट चोरी है। एसआईआर अब एक व्यक्ति, एक वोट के संवैधानिक अधिकार को नष्ट करने का हथियार बन चुका है, जिससे सत्ता का फैसला जनता नहीं भाजपा करे’। राहुल गांधी ने उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट...

  • बंगाल में मतदाता सूची का विवाद

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विवाद समाप्त ही नहीं हो रहा है। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग को 10 दिन का समय दिया है और कहा है कि इस श्रेणी में चुनाव आयोग ने जितने लोगों को नोटिस भेजा है, अगले 10 दिन में उनकी बात सुन कर, उनसे दस्तावेज लेकर जरूरी सुधार किया जाए। ममता बनर्जी की पार्टी इसे अपनी जीत बता रही है। लेकिन हैरानी की बात है कि इस किस्म की गड़बड़ियां बिहार में भी थीं तो वहां कोई विवाद क्यों...

  • बंगाल के मतदाताओं को 10 दिन और मिले

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सवा करोड़ मतदाताओं को 10 दिन का समय और दिया है। इन 10 दिनों में उनको अपने नाम की स्पेलिंग, माता-पिता के नाम की गड़बड़ी या उम्र संबंधी गड़बड़ियों को ठीक कराना होगा। गौरतलब है कि इस किस्म की गड़बड़ियों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज बता कर चुनाव आयोग ने सवा करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद कहा कि ये मतदाता 10 दिन में अपने दस्तावेज चुनाव आयोग को पेश करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी कहा चुनाव आयोग...

  • यूपी में 2.89 करोड़ नाम कट गए

    लखनऊ। चुनाव आयोग ने आखिरकार उत्तर प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। चार बार के समय विस्तार के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी हुई, जिसमें 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। पहले राज्य में 15 करोड 44 लाख मतदाता थे, जिनमें से अब 12 करोड़ 55 लाख बचे हैं। 18 फीसदी से ज्यादा यानी हर पांच में से एक मतदाता का नाम कट गया है। लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे हैं, जबकि ललितपुर में सबसे कम 95 हजार नाम कटे हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक 46.23...

  • विपक्षी पार्टियों ने आयोग पर निशाना साधा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के पहले चरण के बाद जारी हुई मसौदा मतदाता सूची को लेकर विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘इससे पहले कि मतदाताओं का रोष आक्रोश बनकर आंदोलन का रूप ले ले, चुनाव आयोग मैनपुरी में एसआईआर से कटे वैध नामों के लिए संज्ञान लेकर मतदाता सूची दुरुस्त कराए’। कांग्रेस पार्टी...

  • एसआईआर में हुई मौतों के खिलाफ कोर्ट जाएंगी ममता

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर की कमियां दूर करने या इसे बंद करने के लिए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी लिखने के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान हुई मौतों के मामले में अदालत जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इसे लेकर अदालत में याचिका दायर की जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग व्हाट्सऐप पर चलाया जा रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में रैली में ममता ने दावा किया कि जब से...

  • बंगाल के एसआईआर में इतनी समस्या क्यों है?

    देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआऱ का काम हुआ है। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में करीब दो करोड़ 90 लाख यानी 19 फीसदी लोगों के नाम कट गए हैं। बकौल योगी आदित्यनाथ इनमें से ज्यादातर भाजपा समर्थक हैं। उधर तमिलनाडु में 97 लाख यानी करीब 16 फीसदी नाम कटे हैं। इसके उलट पश्चिम बंगाल में 58 लाख यानी करीब आठ फीसदी नाम कटे हैं और 32 लाख अनमैप्ड हैं फिर भी सबसे ज्यादा हंगामा मचा हुआ है। पहला चरण पूरा हो जाने के बाद ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए जाने को...

  • यूपी में दो करोड़ 90 लाख नाम कटेंगे

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम का पहला चरण पूरा हो गया। बढ़ाई गई दो हफ्ते की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई। पांच दिन के बाद 31 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी होगी। लेकिन उससे पहले बताया गया है कि करीब दो करोड़ 90 लाख नाम कट सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं में लगभग 20 फीसदी मतदाताओं के नाम कट जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में सिर्फ आठ फीसदी के करीब नाम कटे हैं। एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया,...

  • 11 राज्यों में एसआईआर का पहला चरण पूरा

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम शुरू किया था। उत्तर प्रदेश को छोड़ कर बाकी 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण पूरा हो गया। चुनाव आयोग ने मंगलवार को तीन राज्यों मध्य प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ के साथ अंडमान निकोबार द्वीप की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। भाजपा के शासन वाले उत्तर प्रदेश में दो हफ्ते के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है। वहां 26 दिसंबर को सूची जारी हो सकती है। मध्य प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक...

  • उत्तर प्रदेश की एसआईआर की समस्या

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कायदे से भाजपा शासित राज्यों में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए थी। बिहार की मिसाल सामने है, जहां जनता दल यू और भाजपा की सरकार थी और बिल्कुल चुनाव आयोग की तय समय सीमा के हिसाब से काम हो गया। लेकिन दूसरे चरण में भाजपा शासित कई राज्यों में समस्या आई। सबसे हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश का है। चुनाव आयोग ने दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चार नवंबर को एसआईआर का काम शुरू कराया था। चार दिसंबर को पहला चरण समाप्त होना था। लेकिन...

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