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  • बंगाल में मतदाता सूची का विवाद

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विवाद समाप्त ही नहीं हो रहा है। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग को 10 दिन का समय दिया है और कहा है कि इस श्रेणी में चुनाव आयोग ने जितने लोगों को नोटिस भेजा है, अगले 10 दिन में उनकी बात सुन कर, उनसे दस्तावेज लेकर जरूरी सुधार किया जाए। ममता बनर्जी की पार्टी इसे अपनी जीत बता रही है। लेकिन हैरानी की बात है कि इस किस्म की गड़बड़ियां बिहार में भी थीं तो वहां कोई विवाद क्यों...

  • बंगाल के मतदाताओं को 10 दिन और मिले

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सवा करोड़ मतदाताओं को 10 दिन का समय और दिया है। इन 10 दिनों में उनको अपने नाम की स्पेलिंग, माता-पिता के नाम की गड़बड़ी या उम्र संबंधी गड़बड़ियों को ठीक कराना होगा। गौरतलब है कि इस किस्म की गड़बड़ियों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज बता कर चुनाव आयोग ने सवा करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद कहा कि ये मतदाता 10 दिन में अपने दस्तावेज चुनाव आयोग को पेश करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी कहा चुनाव आयोग...

  • यूपी में 2.89 करोड़ नाम कट गए

    लखनऊ। चुनाव आयोग ने आखिरकार उत्तर प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। चार बार के समय विस्तार के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी हुई, जिसमें 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। पहले राज्य में 15 करोड 44 लाख मतदाता थे, जिनमें से अब 12 करोड़ 55 लाख बचे हैं। 18 फीसदी से ज्यादा यानी हर पांच में से एक मतदाता का नाम कट गया है। लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे हैं, जबकि ललितपुर में सबसे कम 95 हजार नाम कटे हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक 46.23...

  • विपक्षी पार्टियों ने आयोग पर निशाना साधा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के पहले चरण के बाद जारी हुई मसौदा मतदाता सूची को लेकर विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘इससे पहले कि मतदाताओं का रोष आक्रोश बनकर आंदोलन का रूप ले ले, चुनाव आयोग मैनपुरी में एसआईआर से कटे वैध नामों के लिए संज्ञान लेकर मतदाता सूची दुरुस्त कराए’। कांग्रेस पार्टी...

  • एसआईआर में हुई मौतों के खिलाफ कोर्ट जाएंगी ममता

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर की कमियां दूर करने या इसे बंद करने के लिए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी लिखने के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान हुई मौतों के मामले में अदालत जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इसे लेकर अदालत में याचिका दायर की जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग व्हाट्सऐप पर चलाया जा रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में रैली में ममता ने दावा किया कि जब से...

  • बंगाल के एसआईआर में इतनी समस्या क्यों है?

    देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआऱ का काम हुआ है। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में करीब दो करोड़ 90 लाख यानी 19 फीसदी लोगों के नाम कट गए हैं। बकौल योगी आदित्यनाथ इनमें से ज्यादातर भाजपा समर्थक हैं। उधर तमिलनाडु में 97 लाख यानी करीब 16 फीसदी नाम कटे हैं। इसके उलट पश्चिम बंगाल में 58 लाख यानी करीब आठ फीसदी नाम कटे हैं और 32 लाख अनमैप्ड हैं फिर भी सबसे ज्यादा हंगामा मचा हुआ है। पहला चरण पूरा हो जाने के बाद ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए जाने को...

  • यूपी में दो करोड़ 90 लाख नाम कटेंगे

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम का पहला चरण पूरा हो गया। बढ़ाई गई दो हफ्ते की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई। पांच दिन के बाद 31 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी होगी। लेकिन उससे पहले बताया गया है कि करीब दो करोड़ 90 लाख नाम कट सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं में लगभग 20 फीसदी मतदाताओं के नाम कट जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में सिर्फ आठ फीसदी के करीब नाम कटे हैं। एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया,...

  • 11 राज्यों में एसआईआर का पहला चरण पूरा

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम शुरू किया था। उत्तर प्रदेश को छोड़ कर बाकी 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण पूरा हो गया। चुनाव आयोग ने मंगलवार को तीन राज्यों मध्य प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ के साथ अंडमान निकोबार द्वीप की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। भाजपा के शासन वाले उत्तर प्रदेश में दो हफ्ते के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है। वहां 26 दिसंबर को सूची जारी हो सकती है। मध्य प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक...

  • उत्तर प्रदेश की एसआईआर की समस्या

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कायदे से भाजपा शासित राज्यों में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए थी। बिहार की मिसाल सामने है, जहां जनता दल यू और भाजपा की सरकार थी और बिल्कुल चुनाव आयोग की तय समय सीमा के हिसाब से काम हो गया। लेकिन दूसरे चरण में भाजपा शासित कई राज्यों में समस्या आई। सबसे हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश का है। चुनाव आयोग ने दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चार नवंबर को एसआईआर का काम शुरू कराया था। चार दिसंबर को पहला चरण समाप्त होना था। लेकिन...

  • तमिलनाडु और बंगाल में एसआईआर का फर्क

    यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि तमिलनाडु में, जहां बिहार से कम और पश्चिम बंगाल के लगभग बराबर मतदाता थे वहां दोनों राज्यों के मुकाबले ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे हैं। बिहार में कुल 69 लाख मतदाताओं के नाम कटे तो पश्चिम बंगाल में 58 लाख नाम कटे। लेकिन तमिलनाडु में 97 लाख से ज्यादा नाम कटे हैं। यह भी हैरान करने वाली बात है कि पश्चिम बंगाल और बिहार दोनों के मुकाबले तमिलनाडु में मृत मतदाताओं के नाम भी ज्यादा थे। मिसाल के तौर पर बिहार में 22 लाख मृत मतदाताओं के नाम कटे थे, जबकि तमिलनाडु...

  • किस्तों में बढ़ाई जा रही है एसआईआर की तारीख

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की अंतिम समय सीमा एक बार फिर बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने दो हफ्ते का और समय देने का आग्रह किया था। कुछ और राज्यों ने इस तरह का अनुरोध किया था तो चुनाव आयोग ने एक बार फिर एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई है। सवाल है कि जिन राज्यों में अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है उन राज्यों में अगर तत्काल चुनाव नहीं है तो फिर एक ही बार में चुनाव आयोग ने ज्यादा समय क्यों नहीं दिया, जो एक महीने की अंतिम तारीख देकर...

  • एसआईआर की सीमा बढ़ी

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की डेडलाइन बढ़ाई है। इस बार पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की सीमा बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश को दो हफ्ते की मोहलत दी गई है। देश के सबसे बड़े राज्य में अब 26 दिसंबर तक मतदाता प्रपत्र भरा जा सकेगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने दो हफ्ते का समय बढ़ाने की मांग की थी। गुरुवार को चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 18 दिसंबर...

  • एसआईआर पर नौ को चर्चा

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार आखिरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पक्ष और विपक्ष में सहमति बन गई, जिसके मुताबिक नौ दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी। सरकार ने सत्र के पहले ही कहा था कि वह खासतौर से एसआईआर पर नहीं, लेकिन चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। गौरतलब है कि मानसून सत्र एसआईआर पर चर्चा के मामले में ही पूरी तरह से जाया हुआ था। शीतकालीन सत्र में भी विपक्ष तत्काल चर्चा के लिए अड़ा हुआ...

  • संसद में एसआईआर पर हंगामा

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई है। पहले दिन सोमवार को कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर जम कर हंगामा किया। संसद की पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चैम्बर में विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई, जिसमें एसआईआर का मुद्दा उठाने पर सहमति बनी। इसके बाद कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष ने हंगामा किया। राज्यसभा में नए सभापति, उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत हुआ। उसके बाद हंगामा शुरू हुआ। दोनों सदनों को कई...

  • यूपी में बीएलओ की मौत, विरोध जारी

    नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के पहले चरण का काम पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने समय सीमा एक हफ्ते बढ़ा दी है लेकिन इसे लेकर विरोध जारी है। इसके साथ ही एसआईआर के काम में लगे बूथ लेवल अधिकारियों की जान जाने का सिलसिला  भी जारी है। कई राज्यों में बीएलओ के आत्महत्या करने और मौत की खबरें आ रहीं हैं। उत्तर प्रदेश के संभल में सोमवार को सहायक बीएलओ की सोते सोते मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काम के दबाव से उनकी जान गई है। इससे एक दिन पहले...

  • संसद में बहस जरूरी

    एसआईआर संसद के शीतकालीन सत्र में विवाद का बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। उचित होगा कि सरकार पुराने संसदीय नियमों का हवाला देकर मौजूदा हाल पर बहस को ना रोके। सदन में सबको अपनी बात कहने दी जाए। किसी प्रक्रिया के जारी रहने के दौरान उसके नियम बदलते रहें, तो उसे इसकी मिसाल ही समझा जाएगा कि संबंधित संस्था ने काम शुरू करने के पहले पर्याप्त तैयारी नहीं की। उस हाल में वह प्रक्रिया विवादों से घिरती जाए, यह लाजिमी है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संचालक संस्था पर ही आएगी। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर यह बात पूरी...

  • एसआईआर की सीमा सात दिन बढ़ी

    नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों के दबाव और कई राज्यों में धीमी रफ्तार के कारण चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की डेडलाइन सात दिन के लिए बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि 12 राज्यों में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया की समय सीमा एक हफ्ते बढ़ाई जा रही है। आयोग ने कहा है कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। एक हफ्ते की सीमा बढ़ाने के बाद मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने के लिए मतगणना प्रपत्र जमा कराने और उसे अपलोड करने का...

  • बंगाल में एसआईआर बिहार की लाइन पर

    पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम चल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा विवाद बंगाल में ही हो रहा है। वहां ममता बनर्जी सड़क पर उतर कर विरोध कर रही हैं और उनकी पार्टी के सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर इसका विरोध किया है। उनकी पार्टी आरोप लगा रही है कि पश्चिम बंगाल में एक करोड़ नाम काटने की साजिश हो रही है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर का काम उसी लाइन पर हो रहा है, जिस लाइन...

  • पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर घमासान, टीएमसी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा चुनाव आयोग

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में चुनाव आयोग का रुख किया। टीएमसी के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा और इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।   टीम की अगुवाई राज्यसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने की। उनके साथ लोकसभा में डिप्टी लीडर शताब्दी रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, सजदा अहमद, डोला सेन, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और प्रकाश चिक बराइक भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को एक लिखित शिकायत सौंपी। उनका आरोप है कि बंगाल में एसआईआर के...

  • एसआईआर के जख्म

    हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है, मगर उसके रुख से नहीं लगता कि वह एसआईआर प्रक्रिया से असंतुष्ट है। लेकिन यह कहानी का सिर्फ एक पक्ष है। इसका दूसरा पक्ष राजनीतिक दायरे में घट रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणियां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बल प्रदान करने वाले हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने दो टूक कहा है कि निर्वाचन आयोग को एसआईआर कराने का वैधानिक एवं संवैधानिक अधिकार है। अतः उसने फिलहाल 12 राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट की खंडपीठ ने...

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