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  • शिफ्ट हो रहे या आबादी घटा रहे है?

    चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में तीन चरण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए हैं। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने एक लेख लिखा है, जिसमें कहा है कि जनसंख्या कम करने का यह अच्छा उपाय है। अरविंद केजरीवाल ने भी तंज किया था कि सरकार को जनगणना कराने की जरुरत ही नहीं है, चुनाव आयोग अपने आप 140 करोड़ की आबादी को 50 करोड़ कर देगा। लेकिन इस मजाक से अलग इतनी बड़ी संख्या में लोगों का नाम कटना हैरान करने वाला है।...

  • थोक में नाम काटने की समस्या

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तीसरे चरण में जैसे जैसे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूची जारी हो रही है वैसे वैसे कई चीजों को लेकर विवाद बढ़ रहा है। एक विवाद फॉर्म सात का इस्तेमाल करके मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए दायर होने वाले आवेदनों का है। गौरतलब है कि फॉर्म सात के तहत कोई व्यक्ति अपना या किसी अन्य व्यक्ति का नाम काटने का आवेदन कर सकता है। देश के कई हिस्सों में फॉर्म सात के जरिए थोक में नाम काटने के आवेदन दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि...

  • तेलंगाना में बंगाल दोहराया जा रहा है!

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तीसरे चऱण में जिन राज्यों में मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम चल रहा है उन सभी राज्यों में बड़ी संख्या में नाम कट रहे हैं। दिल्ली की हाल में जारी हुई मसौदा सूची में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख के नाम कट गए हैं। यानी लगभग 30 फीसदी नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। मसौदा सूची जारी होने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में 97 लाख मतदाता बचे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी की बात तेलंगाना को लेकर है। वहां तीन श्रेणियों में 50 फीसदी के...

  • बंगाल में एसआईआर खत्म नहीं हो रहा

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम समाप्त ही नहीं हो रहा है। एक एक करके सभी राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो रही है। लेकिन बंगाल में खुद उच्च अदालतों ने कहा है कि अगर इसी रफ्तार से न्यायाधिकरण में लोगों के नामों की जांच का मामला निपटाया जाएगा तो प्रक्रिया पूरी होने में 20 साल से ज्यादा का समय लगेगा। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए गए 19 न्यायाधिकरण उन लोगों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं, जिनका नाम तार्किक विसंगति के आधार पर कटा है। करीब 27 लाख...

  • एसआईआर में ‘अन्य’ की नई श्रेणी

    चुनाव आयोग भी चौंकाने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। दूसरे चरण के एसआईआर में उसने पश्चिम बंगाल में चौंकाया था, जब ‘तार्किक विसंगति’ की एक नई श्रेणी बना दी थी। पहले मृत या शिफ्ट कर गए या फर्जी मतदाताओं के नाम काटे गए। दो बार में ऐसे कुल 63 लाख से कुछ ज्यादा लोगों के नाम कटे और उसके बाद ‘तार्किक विसंगति’ के नाम पर 27 लाख से ज्यादा नाम काट दिए, जिनका मामला अब भी न्यायाधिकरण में चल रहा है। इसी तरह तीसरे चरण में अब चुनाव आयोग ने चौंकाया है और दो राज्यों व एक केंद्र शासित...

  • कर्नाटक में एसआईआर में भी कांग्रेस आगे

    जब से डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं तब से कांग्रेस का कायाकल्प हो गया दिखता है। पहले कहा जा रहा था कि सिद्धारमैया को हटाने से गुटबाजी बढ़ेगी और शिवकुमार के लिए काम करना मुश्किल होगा। लेकिन उसका उलटा हो रहा है। शिवकुमार ने एमएलसी के चुनाव में भाजपा के 11 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा कर कांग्रेस का एक अतिरिक्त उम्मीदवार जिता लिया। अब राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में भी कांग्रेस बाजी मारती दिख रही है। भाजपा किसी तरह से उसकी बराबरी करने का प्रयास करती दिख रही है।...

  • एसआईआर में फिर वही कहानी

    पंजाब के गुरदासपुर में काहनूवान इलाके के भट्टियां गांव के गुरप्रीत सिंह ने खुदकुशी कर ली। वे राज्य के एक स्कूल में शिक्षक थे और मतगणना सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की ड्यूटी से परेशान थे। उन्होंने अपने नजदीकी लोगों को परेशानी के बारे में बताया भी थी। एक दूसरी रिपोर्ट यह है कि राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ठप्प है। अनेक स्कूल एक एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि शिक्षक जनगणना के पहले चरण का काम कर रहे थे और उससे फारिग हुए तो अब एसआईआर का काम कर रहे...

  • बंगाल में एसआईआर पूरा होने में 21 साल लगेंगे

    यह बात कोई विपक्षी पार्टी नहीं कर रही है, बल्कि हाई कोर्ट ने कही है। बंगाल में हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर इसी रफ्तार से ट्रिब्यूनल काम करते रहे तो मतदाता सूची में से तार्किक विसंगित के आधार पर जिन लोगों के नाम काटे गए हैं उनका निपटारा करने में 21 साल का समय लगेगा। सोचें, चुनाव आयोग दावा कर रहा है कि इस साल के अंत तक बचे हुए लगभग सभी राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम पूरा हो जाएगा। तीसरे चरण में एक दर्जन से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित...

  • एसआईआर पर पूरा विपक्ष एकजुट

    नई दिल्ली। तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके का संबंध टूट चुका है और आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस से संबंध विच्छेद कर लिया है। लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मसले पर सभी पार्टियां एक साथ आ गई हैं। सबने विवाद छोड़ कर देश के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी है। एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी पार्टियों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी। गौरतलब है कि दो साल के बाद आठ जून को विपक्षी गठबंधन यानी ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक हुई थी,...

  • चार राज्यों में एसआईआर शुरू

    नई दिल्ली। चार राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम शुरू हो गया है। चुनाव आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का ऐलान किया है। इसमें सबसे पहले ओड़िशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का तीसरा चरण शुरू हुआ है। इनमें से दो राज्यों मिजोरम और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है। चुनाव आयोग ने 14 मई को संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व कानून 1950 की धारा 21 के तहत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों...

  • अपेक्षा के अनुरूप ही

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला उचित होने के बावजूद उससे बुल्डोजरी अंदाज में कराए गए एसआईआर पर उठे सवालों का जवाब नहीं मिला है। ना ही इससे निर्वाचन आयोग की मंशा पर जताए गए शक दूर होंगे। मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संवैधानिक रूप से उचित है, इसको लेकर कभी किसी को शक नहीं था। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया संपन्न कराने का अधिकार है, इस पर भी कोई भ्रम कभी नहीं रहा। अब सुप्रीम कोर्ट ने यही व्यवस्था दी है, तो वह अपेक्षा के अनुरूप ही है। विवाद इसे कराने के लिए चुने गए वक्त पर था। बिहार में...

  • एसआईआर पर विपक्ष की आपत्तियां खारिज

    नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुना दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राजद सहित सभी विपक्षी पार्टियों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को वैध और संवैधानिक करार दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने बुधवार को कहा कि एसआईआर मनमाना नहीं है और चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। इस तरह एसआईआर की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाला मामला समाप्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, चुनाव आयोग मतदाता सूची में नाम...

  • ईसीआई की संवैधानिक शक्तियों के दायरे में हैं एसआईआर: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लागू करने का निर्णय लिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह पुनरीक्षण चुनाव आयोग की संवैधानिक और वैधानिक शक्तियों के भीतर है और इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की शुद्धता बनाए रखना है।  भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने फैसला सुनाया कि एसआईआर प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए), 1950 या उसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन नहीं करती। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324...

  • विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, एसआईआर संविधान की कसौटी पर खरा

    बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में निर्णय दिया।  याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर की वैधता को चुनौती दी गई थी। अदालत को यह तय करना था कि क्या चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 326, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उससे जुड़े नियमों के तहत वर्तमान स्वरूप में एसआईआर कराने का अधिकार है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत ने कई महत्वपूर्ण सवालों पर...

  • बंगाल में अगले चुनाव तक चलेगा एसआईआर!

    चुनाव आयोग ने बिहार के बाद 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम किया। 11 राज्यों में सब कुछ पूरा हो गया लेकिन पश्चिम बंगाल में अब भी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इसे कौन सा चरण कहेंगे यह किसी को पता नहीं है। लेकिन चुनाव आयोग ने तार्किक विसंगति के नाम पर जिन 27 लाख लोगों के नाम काटे उनकी जांच का काम चल रहा है। उनकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 19 ट्रिब्यूनल बनवाए थे, जिनकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर जज कर रहे हैं। अभी इनमें एक दर्जन के...

  • 16 राज्यों में एसआईआर का ऐलान

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआऱ के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस चरण में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले दो चरण में 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया हुई। तीसरे चरण के बाद सिर्फ हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख बचेंगे, जहां बाद में एसआईआर होगा। चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि एसआईआर का तीसरा चरण 30 मई से शुरू होगा और 30 दिसंबर तक चलेगा। यानी सात महीने का समय निर्धारित किया...

  • तार्किक विसंगति के दावे तर्कसंगत नहीं हैं

    चुनाव आयोग ने तार्किक विसंगति के नाम पर पश्चिम बंगाल में 27 लाख 10 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए। इन मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 19 न्यायाधिकरण बनाए गए हैं। ये सभी न्यायाधिकरण कोलकाता के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड सैनिटेशन से काम कर रहे हैं। यह कोलकाता के जोका इलाके में स्थित है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस इंस्टीट्यूट के बाहर ऐसी सख्त पहरेदारी है, जैसी अमेरिका को फोर्ट नॉक्स में नहीं होगी, जहां उसका सोने का भंडार रखा हुआ है। इंस्टीट्यूट के बाहर कई...

  • बंगाल का विवाद तो और बढ़ जाएगा

    सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कटे नामों को लेकर जो कुछ कहा है वह आगे के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सोमवार, 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कहा कि अगर जीत हार का अंतर कम होता है और कटे हुए नामों का प्रतिशत ज्यादा होता है तो अदालत दखल दे सकती है। इतना ही नहीं बेंच ने मिसाल देकर कहा कि नाम 15 फीसदी कटे हैं और जीत हार का अंतर दो फीसदी है तो इस पर विचार करना होगा। यह सर्वोच्च अदालत...

  • जो सवाल मंडराते रहेंगे

    पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बहाने ढूंढना वाला था। इससे भारत की चुनाव प्रणाली की साख पर टिकाऊ सवाल खड़े हुए हैँ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कई महत्त्वपूर्ण चिंताएं जताईं। उनका सार है कि कम-से-कम इस राज्य में एसआईआर प्रक्रिया साफ-सुथरी नहीं रही। नतीजतन, लाखों व्यक्ति मताधिकार से वंचित होते नजर आ रहे हैं। जस्टिस बागची ने “तार्किक विसंगतियों” का मुद्दा उठाया। ये मुद्दा तब उठा था, जब...

  • बंगाल में एक एक करते जुड़ते रहेंगे नाम

    पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कह दिया है कि वह मतदाता सूची फ्रीज करे। वैसे भी पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो मतदाता सूची फ्रीज होनी ही थी। लेकिन साथ ही सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि विचाराधीन श्रेणी के जिन लाखों लोगों के नाम कटे हैं उनकी आपत्तियों और दावे सुनने के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल अपना काम करते रहेंगे। इतना ही नहीं, जो सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाएगा उसकी बात वहां भी सुनी जाएगी। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट ने एक...

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