राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर प्रदेश में योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि निजी और सरकारी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से लोगों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
श्री गहलोत ने बुधवार को यहां मीडिया से बातचीत में अस्पतालों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य योजनाओं की वर्तमान स्थिति के बारे में किये गये सवाल के जवाब में कहा कि न तो दवाइयां आ रही हैं और न ही कोई इनकी आपूर्ति हो रही है। आज जनता बेहद दुखी और परेशान है और योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह गयी हैं। यह बहुत गंभीर और चिंताजनक मामला है।
Also Read : नीदरलैंड्स ने प्रो लीग का खिताब और ओलंपिक हॉकी कोटा जीता
हमारी सरकार की इतनी शानदार स्वास्थ्य योजना थी जिसकी तारीफ़ आज भी पूरे हिंदुस्तान और हर राज्य में हो रही है। शायद दुनिया के किसी भी कोने में 25 लाख रुपए तक का मुफ़्त इलाज नहीं मिलता, जहां एमआरआई, सीटी स्कैन, दवाइयां और डायलिसिस सब कुछ मुफ़्त था।
उन्होंने कहा कि उसके बाद आज ऐसी बदतर स्थिति क्यों बन रही है। वह जहां भी जाते हैं, लोग उनसे शिकायत करते हैं कि अस्पताल वाले इलाज के बदले पैसे मांग रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वर्तमान सरकार से निजी और सरकारी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और इस लापरवाही का हर्जाना वे आम जनता से वसूल रहे हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि यह भला कौन सा तरीका हुआ योजना अभी भी लागू है, इसे बंद नहीं किया गया है लेकिन सरकार से बजट न मिलने के कारण दवाइयां मिल नहीं रही हैं और ऑपरेशन ठप पड़े हैं। जब अस्पतालों को सरकार से पैसा नहीं मिल रहा है, तो वे जनता से पैसे मांग रहे हैं। इसमें भला उस गरीब और बेकसूर जनता का क्या दोष है।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



