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राजद और कांग्रेस के विधायकों में अपनी पार्टी और गठबंधन को लेकर नाराजगी : चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंगलवार को कांग्रेस और महागठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की आंतरिक कमजोरियों को उजागर करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद में असंतोष साफ दिख रहा है।

चिराग पासवान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जो बात साफ है, उसके लिए सबूत की क्या जरूरत है? जब आपका अपना विधायक आपकी पार्टी के कार्यक्रम में नहीं आता, तो यह साफ दिखाता है कि वहां कुछ ठीक नहीं है। मैंने पहले भी कहा है कि राजद और कांग्रेस के विधायकों में अपनी पार्टियों और गठबंधन को लेकर जो नाराजगी थी, वह अब सामने आ रही है। उनकी पार्टी और विधायक एकजुट रहेंगे या नहीं, इस पर मैं कोई कमेंट नहीं करूंगा। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर भी कटाक्ष किया। तेजस्वी ने लोकतंत्र पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ‘लोक की हार हुई, तंत्र जीता’। चिराग ने पलटवार करते हुए कहा, “यह कैसा लोकतंत्र है जिसका विपक्ष बार-बार जिक्र करता है? यह कैसी डेमोक्रेसी है जहां विपक्ष खुद ही चुप रहेगा? क्या इसी वजह से आपको विपक्ष की भूमिका दी गई थी? अगर आपको चुप ही रहना था, तो आपको विपक्ष के नेता का पद किसी और को दे देना चाहिए था।

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इसके अलावा, महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद पर चिराग पासवान ने कहा, “यह ऐसी सोच है जो देश को बांटती है। हम सब भारतीय हैं, और हर भारतीय को सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। भाषाएं एक-दूसरे के लिए दोस्त, साथी और पार्टनर की तरह होती हैं। उन्हें साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मैं बिल्कुल भी ऐसी सोच का समर्थन नहीं करता, जहां आप एक विदेशी भाषा को अपनाते हैं, आपको इंग्लिश से कोई आपत्ति नहीं है, आप अपने बच्चों को इंग्लिश-मीडियम स्कूलों में भेजते हैं, आप अपने बच्चों को विदेश पढ़ने भेजते हैं, लेकिन आपको एक भारतीय भाषा को अपनाने पर आपत्ति होती है।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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