तिरूवनंतपुरम। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव प्रचार के लिए सोमवार को तीसरी बार वायनाड पहुंचे। उन्होंने अपने को वायनाड का अनऑफिशियल सांसद बताया। वे ‘आई लव वायनाड’ लिखी हुई टीशर्ट पहन कर प्रचार के लिए पहुंचे थे, जिसे उन्होंने रैली में लोगों को दिखाया। उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ रही कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाड्रा को जिताने की अपील करते हुए कहा कि वे सांसद बनेंगी तो वायनाड को एक बड़े पर्यटन स्थल में बदलने के लिए काम करेंगी।
राहुल ने कहा कि वायनाड के लोगों ने उन्हें इतना स्नेह दिया कि उनकी पूरी राजनीति का दृष्टिकोण बदल गया। यहां आने के बाद उन्होंने राजनीति में प्यार शब्द का इस्तेमाल शुरू कर दिया। उन्होंने कहा- आपसे मिले प्यार के प्रति आभार जताने के लिए मैंने ‘आई लव वायनाड’ टीशर्ट पहनी है। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी दूसरी बार वायनाड से जीते थे लेकिन साथ ही वे रायबरेली से भी जीते थे। रायबरेली सीट चुनने के बाद उन्होंने वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट पर कांग्रेस ने प्रियंका को उम्मीदवार बनाया है।
यह प्रियंका गांधी वाड्रा का पहला लोकसभा चुनाव है। उनका मुकाबला सीपीआई के सत्यन मोकेरी और भाजपा की नाव्या हरिदास से है। वायनाड में 13 नवंबर को चुनाव है। नतीजे 23 नवंबर को आएगा। बहरहाल, राहुल गांधी ने सोमवार की रैली में कहा- वायनाड ने पांच साल में मेरी राजनीति और काम के प्रति सोच को पूरी तरह से बदल दिया। जब मैं यहां आया, तो यहां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता अलग तरह का था।
राहुल ने कहा- मैंने 2004 में राजनीति शुरू की और 2019 में वायनाड का सांसद बना। अपने 15 साल की राजनीति में मैंने कभी प्यार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन वायनाड आने के बाद प्यार मेरे राजनीतिक शब्दकोश में शामिल हुआ। राहुल ने कहा कि जब मैंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की, तो उस यात्रा का मुख्य विचार प्यार और स्नेह को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करना था। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति आपको गाली दे रहा है, आपसे नफरत करता है या आपको चोट पहुंचाना चाहता है, तो आप उसी तरह से प्रतिक्रिया नहीं देते। यही मैंने वायनाड के लोगों से सीखा।
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Image Source: ANI

