तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में पासपोर्ट सेवाओं को और आसान बनाने के लिए एक नई पहल शुरू हो रही है। इस पहल का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
पासपोर्ट कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, ‘मोबाइल वैन’ प्रति दिन 30 अपॉइंटमेंट देगी, जिन्हें आधिकारिक पासपोर्ट सेवा वेबसाइट पर ड्रॉप-डाउन विकल्प के माध्यम से ऑनलाइन बुक किया जा सकता है।
यह सेवा वर्तमान में कृष्णागिरी में डाकघर द्वारा प्रतिदिन संभाले जाने वाले 40 अपॉइंटमेंट के अतिरिक्त होगी। मोबाइल वैन एक बड़ी नागरिक-केंद्रित पहल का हिस्सा है जिसे सरकारी सेवाओं की पहुंच को अंतिम मील तक बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
16 जून को चेन्नई में विदेश मंत्रालय के मुख्य पासपोर्ट अधिकारी केजे श्रीनिवास ने आधिकारिक तौर पर इसकी शुरुआत की थी। चेन्नई स्थित आरपीओ, पासपोर्ट सेवाओं में डिजिटल नवाचार के मामले में सबसे आगे रहा है। यह इस साल मार्च में ई-पासपोर्ट जारी करने वाला दक्षिण भारत का पहला पासपोर्ट कार्यालय बन गया है।
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अब तक 1.2 लाख से ज्यादा ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं और इन पासपोर्ट में आरएफआईडी चिप और एंटीना लगा होता है, जिसमें धारक की व्यक्तिगत जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा होता है, जिसकी वजह से जाली दस्तावेजों की घटनाओं पर लगाम लगती है।
अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई आरपीओ कि ओर से जारी किए जाने वाले सभी पासपोर्ट अब ई-पासपोर्ट हैं और कार्यालय हर दिन लगभग 2,500 आवेदनों पर कार्रवाई करता है। आरपीओ ने अपने भौतिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने की योजना की घोषणा की है।
उत्तरी चेन्नई के पेरम्बूर में जल्द ही एक नया पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) खुलने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने एक व्यापक नीतिगत निर्णय के तहत देश भर में प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में कम से कम एक पासपोर्ट कार्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया है। ‘मोबाइल पासपोर्ट सेवा वैन’ पहल नागरिकों, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सुगमता और सुविधा में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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