उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमें महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देशभक्तों के बलिदान को याद रखते हुए हमेशा देश के संविधान का सम्मान करना चाहिए और न्याय के रास्ते पर चलना चाहिए।
धामी ने आगे कहा कि आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में हम अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास,’ यह मंत्र हमें अपने काम में अपनाना चाहिए ताकि हम देश और राज्य की तरक्की में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने खासतौर पर उत्तराखंड की बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार धाम से जो कहा कि यह दशक उत्तराखंड का होगा, वह हमारे लिए रोडमैप की तरह है। इस रोडमैप को मानते हुए हर उत्तराखंडवासी को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उत्तराखंड के अलग राज्य बनने तक बहुत संघर्ष हुए और आंदोलनकारियों की तपस्या रही। उनके प्रयासों और बलिदान के कारण ही आज हम एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में हैं।
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धामी ने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी यह है कि उत्तराखंड को हिंदुस्तान का श्रेष्ठ राज्य बनाएं। इसके लिए हमें मेहनत, ईमानदारी और सभी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सभी से अपील की कि आज के अवसर पर हम संकल्प लें कि हम अपने राज्य और देश की तरक्की में योगदान देंगे।
वहीं, हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले पर हमारा रुख बिल्कुल साफ है। हमने शुरू से कहा है कि ये सभी धार्मिक स्थल, हमारे प्राचीन स्थल, हमारे मंदिर, विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोगों द्वारा मैनेज और देखे जाते हैं, जिनमें तीर्थ सभा, गंगा सभा, केदार सभा और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के साथ-साथ हमारे पूजनीय संत समुदाय भी शामिल हैं। क्योंकि वे ही इन जगहों को मैनेज करते हैं, इसलिए हमने कहा है कि सरकार उनकी राय और विचारों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। इससे जुड़े कानूनों का भी अध्ययन किया जाएगा।
Pic Credit : ANI
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