नई दिल्ली। भारत सरकार ने सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक भारत ने कहा कि वह इस समझौते को लागू करने के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध रहा है, लेकिन पाकिस्तान की मनमानियों की वजह से इस संधि पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि भारत सितंबर 1960 में हुई संधि को लेकर पाकिस्तान को नोटिस जारी करने पर मजबूर हुआ है।
असल में भारत सिंधु जल संधि में बदलाव चाहता है, लेकिन पाकिस्तान इसे टाल रहा है। वो भारत से सीधी बात न करते हुए बार-बार विश्व बैंक के पास पहुंच जाता है। भारत ने इस नोटिस के जरिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय जल संधि के उल्लंघन को सुधारने के लिए 90 दिनों में वार्ता करने का मौका दिया है। यह पहली बार है जब भारत ने सिंधु जल समझौते में संशोधन की मांग की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बार-बार कहने पर विश्व बैंक ने हाल ही में न्यूट्रल एक्सपर्ट और कोर्ट ऑफ आरबिट्रेशन प्रक्रिया की कार्रवाई शुरू की है। जबकि अंतरराष्ट्रीय जल संधि के किसी भी प्रावधान के तहत ये दोनों कार्रवाई एक साथ नहीं हो सकती।
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