पाकिस्तान की सियासी चाल
यह लाइन भारत की रही है कि आतंकवाद और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते। मगर दोनों देशों के बीच मैच चलते रहें, इसकी राह भी निकाली जाती रही है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा करने में बीसीसीआई सहायक बनती आई है। जो फैसला भारत को लेना चाहिए था, वह पाकिस्तान ने किया है। दोनों देशों की दुश्मनी का कारोबारी फायदा उठाने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की पाखंड भरी रणनीति का अंत होना ही चाहिए। यह लाइन भारत की रही है कि आतंकवाद और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते। मगर दोनों देशों के बीच मैच चलते रहें, इसकी राह भी निकाली जाती...