नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाया है। उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान परमाणु परीक्षण कर रहा है। ट्रंप का कहना है कि पाकिस्तान यह परीक्षण चोरी छिपे कर रहा है। उनके इस दावे से दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों और साथ साथ परमाणु अप्रसार के लिए काम करने वाली एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 1998 के बाद से परमाणु परीक्षण नहीं किया है। अगर वह परमाणु परीक्षण करता पाया जाता है तो उसके ऊपर मुसीबत टूट पड़ेगी। तमाम एजेंसियां और वैश्विक वित्तीय संस्थाएं उसके ऊपर पाबंदी लगाएंगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण का दावा किया। हालांकि उनके इस दावे की पुष्टि किसी भी स्रोत से नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध की कगार पर थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खड़े होकर बोले थे… अगर मैं बीच में नहीं आता तो लाखों लोग मारे जाते’।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी दखल के बाद ही हालात शांत हुए और दोनों देशों के बीच लड़ाई नहीं बढ़ी। हालांकि इससे पहले वे लगभग 70 बार यह दावा कर चुके हैं। पिछले दिनों जब वे एशिया के दौरे पर थे तब उन्होंने दक्षिण कोरिया में दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों पर ढाई सौ फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके दो दिन बाद दोनों ने फोन किया और सीजफायर पर सहमति जता दी।
बहरहाल, ट्रंप ने पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण का दावा करते हुए यह भी कहा कि अमेरिका को फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास इतने परमाणु हथियार हैं कि दुनिया को डेढ़ सौ बार नष्ट किया जा सकता है, लेकिन रूस और चीन की गतिविधियों के चलते टेस्ट करना जरूरी है। इसी क्रम में जब ट्रंप से पूछा गया कि उत्तर कोरिया के अलावा कोई भी परमाणु परीक्षण नहीं कर रहा तो अमेरिका क्यों कर रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि रूस, पाकिस्तान और चीन भी गुप्त परीक्षण कर रहे हैं, बस दुनिया को पता नहीं चलता। ट्रंप ने इस इंटरव्यू से पहले ही रक्षा मंत्रालय को परमाणु हथियारों का तुरंत परीक्षण शुरू करने का आदेश दे दिया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में चीन को चेतावनी दी कि अगर उसने ताइवान पर हमला किया, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘अगर ताइवान पर हमला हुआ तो वे जानते हैं कि इसका जवाब क्या होगा। उन्होंने हमारी मुलाकात में इस पर बात नहीं की, क्योंकि वह नतीजे जानते हैं’। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया है कि जिनफिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जब तक ट्रंप राष्ट्रपति हैं, तब तक चीन ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने की कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।


