इस्लामाबाद। पाकिस्तान (pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (imran khan) ने नौ मई को अपनी गिरफ्तारी के लिए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर (general asim munir) को जिम्मेदार ठहराया है और यहां की एक अदालत में उनकी नाटकीय गिरफ्तारी के बाद देश भर में हो रही हिंसा (violence) से खुद को किनारे कर लिया है।
‘द डॉन’ समाचार पत्र में शनिवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, खान ने शुक्रवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के परिसर में मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान ये विचार व्यक्त किए। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में दो सप्ताह के लिए सुरक्षात्मक जमानत देते हुए सोमवार तक देश में कहीं भी दर्ज किसी भी मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी थी। आईएचसी की तीन अलग-अलग पीठ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 70-वर्षीय प्रमुख को राहत दी, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया था।
विश्राम के दौरान ‘बीबीसी’ संवाददाता से बात करते हुए खान ने कहा, इसके पीछे सुरक्षा एजेंसियां नहीं हैं, बल्कि एक आदमी है, वह है- सेना प्रमुख। सेना में लोकतंत्र नहीं है। जो कुछ हो रहा है, उससे सेना की छवि खराब हो रही है। खान ने कहा, और वह [सेना प्रमुख] चिंतित हैं कि अगर मैं सत्ता में वापस आ जाता हूं, तो मैं उन्हें हटा दूंगा। (इसलिए) यह सब सीधे उनके आदेश पर हो रहा है।
खान ने कहा कि वह अपनी गिरफ्तारी के बाद हुए घटनाक्रम से पूरी तरह अंजान हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पता चला है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 40 लोगों की जान चली गई। खान ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बाद जो हुआ वह उनके बस से बाहर था। उन्होंने कहा, मुझे उन घटनाओं के लिए कैसे दोषी ठहराया जा सकता है, जो मेरे हिरासत में रहने के दौरान हुईं? (भाषा)
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