लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने रविवार को अपने जन्मदिन के मौके पर ऐलान किया कि उनकी पार्टी अब किसी पार्टी के साथ तालमेल नहीं करेगी। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष का मोर्चा बनाने के प्रयासों को इस ऐलान से झटका लगेगा। मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा का उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी। फिलहाल उनका सिर्फ पंजाब में अकाली दल के साथ तालमेल था। दोनों पार्टियां पिछले साल विधानसभा का चुनाव मिल कर लड़ी थीं। वह गठबंधन भी अब समाप्त हो जाएगा।
बहरहाल, मायावती ने अपने जन्मदिन पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में गठबंधन नहीं करने का ऐलान करते हुए कहा- ऐसा मैं इसलिए कह रही हूं। क्योंकि कांग्रेस पार्टी अभी से गठबंधन का गलत प्रचार करने लगी है। उन्होंने कहा- 2023 में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और जहां भी चुनाव होंगे, बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव में भी किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
एक बार फिर मुस्लिम वोट को अपने साथ जोड़ने का प्रयास करते हुए मायावती ने अल्पसंख्यकों से कहा- बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था कि हम लोगों को अपने खुद के पैरों पर खड़ा होना है। भाईचारा बनाकर रखना होगा, सत्ता की चाबी अपने हाथों में लेनी होगी। उन्होंने कहा कि जातिवादी लोगों के चलते उन लोगों को हक नहीं मिला। आरक्षण के प्रति सभी दल कांग्रेस-बीजेपी-सपा कोई ईमानदार नहीं रहा है।
बसपा प्रमुख ने एक बार फिर से बैलेट पेपर से चुनाव करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में ईवीएम से होने वाले चुनाव को लेकर लोगों में आशंकाएं हैं। ऐसे में छोटे-बड़े चुनाव सीधे बैलेट से कराए जाने चाहिए। कांग्रेस पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि केंद्र में लंबी सरकार होने के बावजूद कांग्रेस ने मंडल कमीशन की सिफारिश को लागू नहीं होने दिया। अब भाजपा भी आरक्षण के हक को मार रही है। इससे यूपी निकाय चुनाव भी प्रभावित हो चुके हैं। मायावती ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा यूपी में निवेश के नाम पर नाटकबाजी चल रही है।


