नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि भारत नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत नक्सल मुक्त हो गया है, ऐसा हम कह सकते हैं। नक्सलवाद की समस्या और उसके खिलाफ अपनी सरकार की लड़ाई पर अमित शाह ने करीब डेढ़ घंटे का भाषण दिया। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब देश में मोदी की सरकार और किसी ने हथियार उठाया तो उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
सोमवार को लोकसभा में अपने भाषण में अमित शाह ने कहा, ‘हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा’। शाह ने कहा, ‘जो लोग पूरी व्यवस्था को नकार कर हथियार उठा लेते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सालों से भोले भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए आदिवासियों को बहकाया’।
कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हैं। अपने गिरेबान में झांककर देखिए। आदिवासी इलाकों में गरीबी के कारण नक्सलवाद नहीं फैला, बल्कि नक्सलवाद के कारण सालों तक गरीबी रही। नक्सलवाद की जड़ें वैचारिक हैं। यह गरीबी और विकास से जुड़ी नहीं हैं’।
गौरतलब है कि अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा की थी। उससे एक दिन पहले संसद में इस पर चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा, ‘हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चलाया गया। हर गांव में राशन की दुकान, हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है’।


